आज सड़क पर चलने वाली हर कार, बाइक, बस या ट्रक के टायर काले रंग के दिखाई देते हैं. ज्यादातर लोग यही मानते हैं कि टायर शुरू से ही ऐसे होते थे, लेकिन सच इससे बिल्कुल अलग है. शुरुआती दौर में वाहन के टायर सफेद या हल्के क्रीम रंग के बनाए जाते थे. बाद में एक खास तकनीक के कारण उनका रंग हमेशा के लिए बदल गया.

शुरुआत में सफेद क्यों होते थे टायर?
करीब एक सदी पहले जब रबर के बनने शुरू हुए, तब उन्हें प्राकृतिक रबर से तैयार किया जाता था. प्राकृतिक रबर का रंग दूध जैसा सफेद या हल्का क्रीम होता है. ये खबर आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे है। इसलिए उस समय बनने वाले लगभग सभी टायर भी सफेद दिखाई देते थे.
उस दौर में टायरों में आज जैसी मजबूती नहीं होती थी. भारी वजन उठाने और लगातार सड़क पर चलने से वे जल्दी घिस जाते थे इसके कारण वाहन मालिकों को बारबार टायर बदलने पड़ते थे.
काला कलर बनने की असली कहानी
टायरों को ज्यादा मजबूत और टिकाऊ बनाने के लिए वैज्ञानिकों ने रबर में कार्बन ब्लैक नाम का एक खास पदार्थ मिलाना शुरू किया. यही बदलाव टायर उद्योग के लिए बड़ा मोड़ साबित हुआ.
कार्बन ब्लैक मिलाने से टायर पहले की तुलना में कहीं ज्यादा मजबूत हो गए. इससे उनकी उम्र बढ़ी और वे खराब सड़कों पर भी बेहतर प्रदर्शन करने लगे. यही नहीं, यह पदार्थ टायर को घिसने से बचाने और उसकी मजबूती बनाए रखने में भी मदद करता है.
गर्मी से भी करता है सुरक्षा
जब कोई तेज गति से चलता है, तो सड़क और टायर के बीच लगातार घर्षण होता है. इससे काफी गर्मी जनरेट होती है. अगर टायर इस गर्मी को सहन न कर पाए, तो उसके जल्दी खराब होने का खतरा बढ़ जाता है.
कार्बन ब्लैक टायर को अधिक तापमान सहने की क्षमता देता है. यही वजह है कि लंबे सफर और ऊंची रफ्तार में भी टायर बेहतर तरीके से काम करते हैं. इसके साथ ही यह सूरज की तेज किरणों और मौसम के असर से भी रबर की सुरक्षा करता है.
आज भी दिख जाते हैं सफेद किनारे वाले टायर
हालांकि आज ज्यादातर टायर पूरी तरह काले होते हैं, लेकिन पुरानी क्लासिक और विंटेज कारों में कभीकभी व्हाइटवॉल टायर देखने को मिल जाते हैं. इनमें टायर का बाहरी किनारा सफेद होता है, जबकि सड़क से संपर्क में रहने वाला हिस्सा काला ही रहता है. इन्हें खास तौर पर स्टाइल और पुराने दौर की पहचान बनाए रखने के लिए इस्तेमाल किया जाता था.
यानी टायर का काला रंग सिर्फ दिखावे के लिए नहीं है. इसके पीछे मजबूती, लंबी उम्र, बेहतर पकड़ और ज्यादा सुरक्षा जैसे कई वैज्ञानिक कारण छिपे हैं. यही वजह है कि आज दुनिया भर में लगभग सभी वाहनों में काले रंग के टायर ही इस्तेमाल किए जाते हैं.



