नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार शाम करीब 7 बजे अपने तीसरे ‘सेल्फी मोड’ वर्टिकल वीडियो के जरिए छात्रों और परीक्षा सुधारों को लेकर बड़ा संदेश दिया। मोदी ने कहा कि सरकार छात्रों के भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए लगातार कदम उठा रही है। उन्होंने साफ कहा कि जिन्होंने छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया, वे आज जेलों में हैं। साथ ही उन्होंने घोषणा की कि परीक्षा व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने के लिए इंफोसिस के सहसंस्थापक नंदन नीलेकणी की अध्यक्षता में एक हाईपावर टास्क फोर्स बनाई जाएगी।

‘छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले जेल में हैं’
प्रधानमंत्री मोदी ने वीडियो में कहा कि सरकार ने पेपर लीक जैसे मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट की व्यवस्था की है और संसद में कठोर सजा वाले प्रावधानों के साथ कानून लाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के साथसाथ भविष्य की परीक्षा प्रणाली को भी मजबूत बनाना जरूरी है, ताकि छात्रों का भरोसा कायम रहे।

नंदन नीलेकणी के नेतृत्व में बनेगी टास्क फोर्स
मोदी ने कहा कि देश की परीक्षा व्यवस्था विश्वसनीय, पारदर्शी और आधुनिक तकनीक से लैस होनी चाहिए। इसी उद्देश्य से नंदन नीलेकणी के नेतृत्व में हाईपावर टास्क फोर्स गठित करने का फैसला लिया गया है। यह टास्क फोर्स एग्जामिनेशन रिफॉर्म्स पर काम करेगी और तकनीक के अधिकतम उपयोग के जरिए परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधारों का रोडमैप तैयार करेगी।

पहले दो ‘सेल्फी मोड’ वीडियो में क्या कहा था?
प्रधानमंत्री इससे पहले भी दो ‘सेल्फी मोड’ वीडियो जारी कर चुके हैं। ये समाचार आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे है। 23 जुलाई को जारी पहले वीडियो में उन्होंने आधी रात को संसद में पेपर लीक संशोधन बिल लाने का ऐलान किया था। ये खबर आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे है। इसके बाद 24 जुलाई को जारी दूसरे वीडियो में उन्होंने पहले वीडियो पर मिले सकारात्मक सुझावों के लिए लोगों का आभार जताया और कहा कि सरकार शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए समाज की भागीदारी को महत्व देती है।

परीक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव की तैयारी
तीसरे ‘सेल्फी मोड’ वीडियो के साथ प्रधानमंत्री मोदी ने परीक्षा सुधारों की दिशा में सरकार की अगली बड़ी पहल का संकेत दिया है। सरकार का कहना है कि कड़े कानून, दोषियों पर सख्त कार्रवाई और तकनीक आधारित परीक्षा व्यवस्था के जरिए भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने और छात्रों के हितों की बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में काम किया जाएगा।

हाईपावर्ड टास्क फोर्स का गठन
NTA परीक्षा में सुधार के लिए एक हाईपावर्ड टास्क फोर्स बनाई गई है। अलगअलग क्षेत्रों के विशेषज्ञों का यह ग्रुप NTA परीक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद करेगा, खासकर टेक्नोलॉजी और सिस्टम में ढांचागत सुधारों के मामले में। इस ग्रुप में टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट नंदन नीलेकणि, ISRO के पूर्व चेयरमैन एस. सोमनाथ, IB के पूर्व डायरेक्टर तपन डेका, IIT चेन्नई के डायरेक्टर वी. कामाकोटी, पूर्व शिक्षा सचिव अनीता करवाल और लॉजिस्टिक्स एक्सपर्ट अमृत लाल मीणा शामिल हैं।