हिमाचली खबर: कई बार अचानक गैस का बिल ज्यादा आने पर समझ नहीं आता कि आखिर ऐसा क्या बदल गया, जबकि घर में रोज के लगभग वही खाने बनाए जाते हैं। हम सोचते हैं कि जब इस्तेमाल पहले जैसा ही है, तो बिल में इतना फर्क क्यों आ गया। लेकिन इसकी एक बड़ी वजह आपकी रसोई में बनने वाले कुछ भोजन भी हो सकते हैं।

कहीं बढ़ तो नहीं गया आपके गैस का बिल, यहां देखें देर तक पकने वाले फूड्स​
कहीं बढ़ तो नहीं गया आपके गैस का बिल, यहां देखें देर तक पकने वाले फूड्स​

दरअसल, कई ऐसी चीजें हैं जिन्हें पकाने में सामान्य से ज्यादा समय और गैस की जरूरत पड़ती है। धीमी आंच पर लंबे समय तक पकने वाले भोजन गैस की खपत बढ़ा देते हैं, जिसका असर महीने के बिल पर पड़ता है। आइए जानते हैं कौनकौन से ऐसे फूड्स हैं जिन्हें पकने में अधिक समय लगता है।

राजमा और छोले
राजमा और छोले सबसे ज्यादा समय तक पकने वाले फूड्स में एक हैं। इन्हें नरम होने में काफी समय लगता है। खासकर अगर बिना भिगोए सीधे पकाए जाए, तो गैस की खपत बढ़ जाती है। इन्हें बनाने में 1 घंटे से भी अधिक समय लग सकता है।

इसके लिए आप रातभर पानी में 78 घंटे के लिए इन्हें भिगोकर रख दें और पकाने के लिए प्रेशर कुकर का इस्तेमाल करें। वहीं, पकाने से पहले गुनगुने पानी में भिगो देने से ये थोड़े नरम हो जाते हैं और जल्दी पकते हैं।

साबुत दालें
साबुत मूंग, मसूर, काली उड़द और अन्य साबुत दालों को भी पकने में सामान्य दालों से ज्यादा समय लगता है। दरअसल, ये धीमी आंच पर लंबे समय तक पकाए जाते हैं जिसके चलते गैस अधिक खर्च होती है। इसके लिए आप इन्हें बनाने से कुछ घंटे पहले पानी में भिगोकर रख दें।

मटन और अन्य नॉनवेज फूड्स
मटन को नरम होने में काफी समय लगता है। इसके अलावा कई और नॉनवेज फूड्स खासतौर पर धीमी आंच पर बनने वाली करी या पारंपरिक रेसिपीज गैस की खपत बढ़ा देती हैं, जिसका असर बिल पर पड़ता है।

कम गैस की खपत के लिए मटन को बनाने से पहले कुछ देर के लिए मेरिनेट कर दें, इससे मटन नरम हो जाता है और जल्दी पकता है। इसके साथ ही हमेशा प्रेशर कुकर में बनाने की कोशिश करें।

बिरयानी
साधारण चावल के मुकाबले बिरयानी, पुलाव या दम वाले व्यंजन धीमी आंच पर लंबे समय तक पकते हैं, जिसके चलते गैस की खपत बढ़ जाती है। इसके लिए चावल को पहले 2030 मिनट भिगो दें और बनाने के लिए मोटे तले वाले बर्तन का इस्तेमाल करें ताकि गर्मी लंबे समय तक बनी रहे।

निहारी
ऊपर दिए गए जितने भी डिश हैं उसमें से अगर कोई सबसे अधिक गैस खपत करने वाला भोजन है तो वह है निहारी। निहारी को पारंपरिक तरीके से रातभर धीमी आंच पर पकाया जाता है। ऐसे में गैस की खपत कहीं ज्यादा बढ़ जाती है।

दूध और मिठाइयां
खीर, रबड़ी, मावा के अलावा कई और मिठाइयां हैं जिन्हें लंबे समय तक धीमी आंच पर पकाया जाता है। इससे गैस की खपत ज्यादा होती है।

गैस बचाने का आसान तरीका
हालांकि, कुछ तरीके हैं जिनकी मदद से आप गैस की खपत को कम कर सकते हैं।
जब भी खाना बनाएं तो उसे ढककर पकाएं।
प्रेशर कुकर का इस्तेमाल करें।
जरूरत से ज्यादा तेज आंच न रखें।
सभी सामग्री पहले से तैयार रखें ताकि गैस बिना वजह न जले।
राजमा, छोले, दाल और इस तरह के अन्य खाद्य पदार्थों को रात में भिगोकर रखें।