हिमाचली खबर: Patna Cyber Fraud News: बिहार की राजधानी पटना में पुलिस ने एक ऐसी गर्लफ्रेंड और बॉयफ्रेंड की युगल जोड़ी को पकड़ा है, जो साइबर फ्रॉड करके लोगों का जीना हराम कर दिए थे. इस दिलचस्प क्राइम कथा में गर्लफ्रेंड जहां साइबर फ्रॉड के रूपों का हिसाब किताब रखती थी. वहीं, बॉयफ्रेंड साइबर फ्रॉड के नएनए शिकार ढूंढा करता था. अब ये दोनों पुलिस की गिरफ्त में हैं. उनके साथ इनका एक और साथी भी पुलिस के पकड़ में आया है. पुलिस अब इस गिरोह के द्वारा अंजाम दिए गए कारनामों की तहकीकात में जुटी हुई है.

हसीना का इशारा और 10वीं पास बॉयफ्रेंड का कारनामा… पटना में लोन के नाम पर ऐसे फंसाती थी यह शातिर जोड़ी, एक गलती से खुली पोल​
हसीना का इशारा और 10वीं पास बॉयफ्रेंड का कारनामा… पटना में लोन के नाम पर ऐसे फंसाती थी यह शातिर जोड़ी, एक गलती से खुली पोल​

राजधानी के साइबर डीएसपी नीतिश चंद्र धारिया ने बताया पुलिस को यह जानकारी मिली थी की पटना में कुछ लोग साइबर फ्रॉड के मामले को अंजाम दे रहे हैं. इसके बाद पुलिस ने अपनी जांच शुरू की. उन्होंने बताया कि इस मामले में गिरफ्तार संजय कुमार महज 10वीं पास है लेकिन अपनी गर्लफ्रेंड के इशारे पर इस पूरे नेटवर्क को संचालित करता था. पुलिस ने मामले में मुख्य आरोपी संजय कुमार के साथ उसके सहयोगी अभिषेक कुमार को भी राजधानी के रामकृष्ण नगर थाना अंतर्गत जकरियापुर इलाके से गिरफ्तार किया. संजय नालंदा का निवासी बताया जा रहा है, जबकि अभिषेक नवादा का निवासी है.

साइबर डीएसपी ने बताया कि इस पूरे नेटवर्क में आरोपी लोगों को लोन दिलाने के नाम पर अपनी जाल में फंसाते थे. ये लोगों को आसान किस्तों पर लोन दिलाने का लालच देते थे और उनका विश्वास जीतकर बैंक कर्मियों की मिलीभगत से जीरो बैलेंस का अकाउंट खुलवाते थे. ठगी की रकम इन्हीं अकाउंट में जमा की जाती थी.

मामले का खुलासा तब हुआ, जब इन्होंने आदित्य कुमार नाम के एक युवक को लोन का झांसा दिया और उसका अकाउंट खुलवाया. इस खाते में तीन किस्तों में 66 लाख रुपए जमा किए गए. जब आदित्य ने अपने खाते में इतनी बड़ी राशि देखी तो उसे संदेह हुआ और उसमें तुरंत इसकी शिकायत साइबर पुलिस में कर दी. पुलिस ने जांच शुरू की और इस दौरान की गई छापेमारी में आरोपियों के पास 11 मोबाइल फोन, 11 एटीएम कार्ड, दो चेक बुक भी बरामद किए गए.

दूसरे राज्यों में भी मामले दर्ज

साइबर डीएसपी का ये भी कहना था कि इन लोगों के ऊपर बिहार के अलावा दूसरे राज्यों में भी मामले दर्ज हैं. जिसकी पूरी जांच की जा रही है और पिछले डेढ़ साल में इन्होंने लगभग एक करोड़ से भी ज्यादा रुपए की धोखाधड़ी की है. पुलिस अब इस जांच में जुटी हुई है कि इस गिरोह के साथ कौनकौन से बैंक कर्मियों की मिलीभगत थी और आरोपी की गर्लफ्रेंड की भूमिका इस अपराध में कितनी गहरी है? फिलहाल, दोनों आरोपियों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. उनके द्वारा मिली जानकारी के आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है.