हिमाचली खबर: Kanpur News: कानपुर पुलिस को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है. 3,200 करोड़ रुपए के फर्जीवाड़े और हवाला जैसे नेटवर्क का खुलासा करते हुए पुलिस ने गिरोह के सरगना महफूज अली उर्फ ‘पप्पू छुरी’ को गिरफ्तार किया है. आरोपी पर फर्जी कंपनियों और बैंक खातों के जरिए स्क्रैप और स्लॉटर कारोबार के पैसों को ब्लैक से व्हाइट कैश में बदलने का आरोप है. पुलिस जांच में एक वकील का नाम भी सामने आया है, जो फर्जी GST फर्में तैयार करवाता था. फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है.

परिवार के नाम पर 68 बैंक अकाउंट
कमिश्नरेट कानपुर नगर की चकेरी पुलिस, साइबर सेल और सर्विलांस टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए जाजमऊ क्षेत्र से महफूज अली उर्फ पप्पू छुरी को गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक, आरोपी खुद इंटर पास है और कम पढ़ेलिखे मजदूरों के पैन कार्ड और दस्तावेजों का इस्तेमाल कर फर्जी कंपनियां तैयार करता था. जांच में सामने आया कि महफूज ने अपने परिवार के नाम करीब 68 बैंक अकाउंट खुलवा रखे थे. इन्हीं खातों के जरिए सिर्फ अफीसा इंटरप्राइजेज नाम की एक फर्म से करीब 146 करोड़ रुपए का लेनदेन किया गया.
आरोपी के खिलाफ 6 मुकदमे पहले से दर्ज
पुलिस के अनुसार, यह पूरा पैसा स्क्रैप और स्लॉटर कारोबार से जुड़ा था. आरोपी इन खातों से रकम निकालकर कमीशन के बदले संबंधित कारोबारियों को कैश में वापस पहुंचाता था. जांच के दौरान गिरोह के पीछे एक बड़े नेटवर्क का भी खुलासा हुआ है. पुलिस के मुताबिक, फिरोज खान नाम का एक वकील फर्जी GST फर्में तैयार करवाने में अहम भूमिका निभाता था. फिलहाल आरोपी महफूज के खिलाफ पहले से 6 मुकदमे दर्ज हैं, जबकि पुलिस अब बाकी आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है.
कानपुर पुलिस कमिश्नर ने दी जानकारी
पूरे मामले में कानपुर पुलिस के कमिश्नर रघुवीर लाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए बताया कि कानपुर का महाठग पप्पू छूरी उनकी पकड़ में आ गया है. उन्होंने बताया कि ठगी के खेल का खुलासा 16 फरवरी को श्याम नगर चौकी के पास हुई 24 लाख की लूट की जांच में पुलिस के प्रकाश में आया था. इसके बाद आरोपी को जांच के लिए बुलाया गया, लेकिन वह नहीं आया. एनकाउंटर के डर से कोलकाता भाग गया था. पकड़े गए महफूज उर्फ पप्पू का गिरोह फर्जीवाड़े और आर्थिक अपराध की सारी हदें पार कर चुका था.
इंटर पास है कबाड़ी वाला पप्पू छुरी
पूरे प्रकरण में पुलिस की जांचपड़ताल में यह बात सामने आई है कि यह मामला सिर्फ करोड़ की हेराफेरी तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसमें हवाला, GDT चोरी जैसे गंभीर अपराध भी शामिल हैं. इंटर पास महफूज अली उर्फ पप्पू का अपराध करने का तरीका जितना सरल था, उतना ही शातिराना भी था. वह इसके लिए कम पढ़ेलिखे मजदूर पेंटरों और कबाड़ियों को अपना निशाना बनाता था. उनके पैन कार्ड, पहचान पत्र का फर्जी इस्तेमाल करके उसने कई कंपनियां बनाई.
कमीशन के नाम पर करता था खेल
इस पूरे खेल का असली मास्टरमाइंड फिरोज खान नाम का एक वकील निकाला, जो इन फर्जी GST फर्म को कानूनी और तकनीकी रूप से तैयार करता था, जिसके चलते कानपुर के जाजमऊ इलाके में रहने वाले कई लोग पुलिस के रडार पर आए, जिनके बैंक खातों में करोड़ों का ट्रांजैक्शन हुआ. महफूज ने आरती इंटरप्राइजेज नाम की फर्म बनाकर जाजमऊ की रहने वाली आरती को बेवकूफ बनाकर कमीशन की कुछ रकम दी. इसके साथ ही शाहनवाज के नाम पर राजा इंटरप्राइजेज के जरिए करोड़ों का लेनदेन किया.
काशिफ और अलशिफा के नाम पर बनी फर्म से करोड़ों का ट्रांजैक्शन किया. यहां तक की कबाड़ी का काम करने वाले अजय शुक्ला के भी डॉक्यूमेंट लेकर मां विंध्यवासिनी इंटरप्राइजेज के नाम से ट्रांजैक्शन करोड़ का किया गया. पेंटर निखिल कुमार के नाम से रवि इंटरप्राइजेज बनाकर करोड़ों के रुपयों के लेनदेन की बात सामने आई है.
16 बैंकों में 100 से ज्यादा बैंक अकाउंट
कुल मिलाकर कानपुर पुलिस को आरोपी के द्वारा 16 बैंकों में 100 से ज्यादा खातों में 3200 करोड़ रुपए का ट्रांजैक्शन होने की बात प्रकाश में आई है. फिलहाल पुलिस ने पूरे मामले में महफूज आलम उर्फ पप्पू छुरी के साथ उसके साले और बेटे को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है. वहीं इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड अधिवक्ता फिरोज खान की तलाश जारी है.


