हीटवेव या हीटस्ट्रोक के खतरे के बीच बच्चा स्कूल जा रहा है तो इस कंडीशन में मातापिता को कई चीजों का ज्यादा ख्याल रखना चाहिए. गर्मी के आतंक से भारत के ज्यादातर हिस्से प्रभावित हैं और आईएमडी बता चुका है कि आने वाले समय में ये मौसम और खराब होने वाला है. हीटवेव अलर्ट के चलते यूपी के कई स्कूलों की टाइमिंग सुबह 7.30 से 12.30 कर दी गई है. बच्चों की इम्यूनिटी कम होती है और इसलिए उन्हें गर्मी लगने का डर ज्यादा बना रहता है. इसके अलावा बच्चे एक्टिव होते हैं तो पसीना भी ज्यादा निकलता है. इस सिचुएशन में उनके हाइड्रेशन का ध्यान न रखा जाए तो प्रॉब्लम हॉस्पिटल जाने तक की बन जाती है.

अगर आपका बच्चा भी इस भीषण गर्मी में स्कूल जा रहा है तो आपको किन बातों का ख्याल रखना चाहिए. साथ ही कौन सी गलतियों को करने से बचना चाहिए ये हम आपको बताने जा रहे हैं. जानें
हीटवेव का आतंक । Heatwave Alert in India
भारत के अधिकतर हिस्से इस समय हीटवेव की मार झेल रहे हैं. एक्सपर्ट्स बताते हैं कि जिन इलाकों में तापमान 40 डिग्री से ज्यादा है और यहां गर्म हवा चल रही है तो ये हीटस्ट्रोक यानी लू कहलाती है. लू भरे इस मौसम में बाहर निकलने से बचना चाहिए. रोजमर्रा की जिंदगी में जहां बड़ों का काम या ऑफिस जाना होता है वहीं बच्चों को रूटीन के मुताबिक स्कूल जाना पड़ता है. अगर किसी को लू लग जाए तो न उल्टी, दस्त, सिर में दर्द और मतली जैसे लक्षण नजर आते हैं.
उल्टियां लग जाने पर पूरी बॉडी एक तरह से टूट जाती है. लो एनर्जी के कारण थकान रहती है और किसी चीज को खाने का मन नहीं करता. बच्चा हो या बड़ा… हीटवेव यानी लू से बचने के लिए इन बातों का रखें ध्यान….
लू से बचाव के लिए स्टूडेंट्स करें ये काम । Summer health tips for Students
- खाली पेट जा रहा है और बिना पानी पिए निकल रहा है तो इससे बॉडी जल्दी गर्म हो सकती है. अगर आपका बच्चा स्कूल के लिए निकल रहा है तो उसे अच्छे से पानी पिलाएं और उसे ये भी बताएं कि स्कूल से लौटते वक्त भी वह ठीक से पानी पीकर ही बाहर निकलें. बच्चा अगर
- बच्चे के साथ पानी की बोतल जरूर होनी चाहिए. इसमें दिया गया पानी ज्यादा ठंडान नहीं होना चाहिए. बच्चे को बताएं कि उसे प्यास लगने का इंतजार नहीं करना है बल्कि बीचबीच में थोड़ा पानी पीता रहे.
- ओआरएस, नींबू पानी और छाछ जैसी चीजें दिनभर में बच्चे को जरूर पिएं. दरअसल, हीटवेव के बीच शरीर को सिर्फ पानी नहीं बल्कि नमस और मिनरल्स की जरूरत भी होती है. नींबू पानी, ओआरएस और छाछ जैसी चीजें बॉडी को एनर्जी देते हैं और हाइड्रेट रखते हैं.
- कहते हैं कि डार्क कलर के कपड़े गर्मी ज्यादा सोखते हैं. इसकी जगह पेरेंट्स बच्चों को हल्के रंग के, ढीले और कॉटन के कपड़े पहनाएं ताकि शरीर को हवा मिलती रहे.
- धूप में बच्चा आ रहा है तो उसे पहले से बताएं कि सिर ढकना कितना जरूरी है. स्कूल जाते और आते समय उसके पास टोपी, छाता या सूती गमछा जरूर होना चाहिए. इससे सीधी धूप पड़ने से लू का खतरा कम हो जाता है.
- बच्चे को 12 से 4 की धूप में बाहर निकलने रोकें. इस समय बच्चा ज्यादा देर बाहर खेलता है या धूप में रहता है तो डिहाइड्रेशन का डर बन सकता है.
- बच्चा हो या बड़ा… बाहर निकलने वालों के टिफिन में ठंडी तासीर वाली चीजें होनी चाहिए. खीरा, ककड़ी, तरबूज, दही, पुदीना और हल्की चीजें बॉडी को भीषण गर्मी से बचाती हैं.
- गर्मी, धूप और हीटस्ट्रोक का बुरा असर हमारे पेट पर जल्दी पड़ता है. इसलिए जंक फूड्स, बहुत तला हुआ या भुनी हुई चीजें को खाने से परहेज करें.