बिहार के औरंगाबाद जिले में एक छात्रा ने स्कूल के मेल टीचर पर छेड़छाड़ का आरोप लगाया है. घटना के बाद ग्रामीणों ने स्कूल में विरोध प्रदर्शन किया, जबकि आरोपी शिक्षक ने आरोपों को साजिश बताया है.

अरे कांप काहे रही हो! TC लेने गई छात्रा से शिक्षक ने की छेड़छाड़, बिहार के स्कूल में बवाल; गांव वालों का हंगामा

बिहार के औरंगाबाद जिले में एक सरकारी मध्य विद्यालय में नाबालिग छात्रा के साथ छेड़छाड़ का मामला सामने आया है. पीड़ित छात्रा ने अपने स्कूल के एक मेल टीचर पर गंभीर आरोप लगाए हैं. इस घटना की खबर मिलते ही गांव के लोग और छात्रा के परिवार वाले स्कूल पहुंच गए और आरोपी टीचर के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की मांग करते हुए जोरदार विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई, जिसके बाद कई थानों की पुलिस को मौके पर बुलाना पड़ा. पीड़िता छात्रा आठवीं कक्षा पास कर चुकी है.

उसका कहना है कि वह स्कूल से ट्रांसफर सर्टिफिकेट (टीसी) लेने गई थी. लेकिन पहले स्कूल में टीसी देने से मना कर दिया गया. इसके बाद स्कूल की एक महिला शिक्षिका ने उसे बताया कि इस काम में एक मेल टीचर ही मदद कर सकते हैं. महिला शिक्षिका ने छात्रा को उसी टीचर के घर पर जाकर मिलने की सलाह दी. छात्रा ने पुलिस को दिए अपने बयान में बताया कि जब वह टीचर के घर पहुंची तो उसके साथ छेड़छाड़ की गई. छात्रा ने यह भी बताया कि कुछ महीने पहले उसका अपहरण हो गया था और पुलिस ने उसे पश्चिम बंगाल से बचाकर वापस लाया था. आरोपी शिक्षक उसी पुरानी घटना के बारे में बार-बार उससे सवाल पूछ रहे थे.

पीड़िता ने क्या-क्या बताया?

छात्रा ने बताया, ‘टीचर ने मुझे सर के कमरे पर बुलाया था. वहां जाने पर सर ने मुझसे पूछा कि किडनैपिंग के दौरान तुम्हारे साथ क्या-क्या हुआ था.’ पूछताछ के दौरान टीचर उसके करीब आ गए और उन्होंने उसका हाथ पकड़ लिया. छात्रा डर के मारे कांपने लगी तो टीचर ने कहा, ‘कांप काहे रही हो, हम हूं ना.’ इसके बाद उन्होंने छात्रा के गले में हाथ डाल दिया और चेतावनी दी कि इस बारे में किसी को कुछ मत बताना, यह सब पर्सनल बात है. छात्रा ने आगे कहा कि महिला शिक्षिका ने उसकी मां को फोन करके भी कहा था कि ‘जो भी काम होगा, राहुल सर ही करेंगे. बेटी को उनके कमरे पर भेज दो.’

क्या रहा टीचर का जवाब

वहीं मेल टीचर ने छात्रा के आरोपों की निराधार बताया. उनका कहना है कि मिडटर्म एग्जाम नहीं दिया था, क्योंकि पश्चिम बंगाल से वापस आने के बाद छात्रा पुलिस पूछताछ के हिरासत में थी. टीसी के मामले में मुझे जांच करने को कहा गया था. मेल टीचर ने कहा, ‘यह कई बार मेरे घर आ चुकी है. एक बार अपनी मां के साथ, एक बार अपनी सहेली के साथ और यहां तक कि तनूजा मैम की प्रेजेंस में आ चुकी है. छेड़छाड़ के आरोप में मुझे फंसाया जा रहा है.

मामला कब का है?

यह पूरा घटनाक्रम करीब एक महीने पुराना बताया जा रहा है। लेकिन जब इसकी जानकारी गांव में फैली तो लोगों में गुस्सा भड़क उठा. बड़ी संख्या में ग्रामीण और छात्रा के परिजन स्कूल पहुंचे और आरोपी शिक्षक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करने लगे. वर्तमान में पुलिस इस मामले की जांच कर रही है. दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं. इस तरह की घटनाएं स्कूल जैसी पवित्र जगह पर होने से पूरे इलाके में आक्रोश फैला हुआ है. लोग न्याय की मांग कर रहे हैं और चाहते हैं कि दोषी पर तुरंत कार्रवाई हो ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न दोहराई जाएं.