भारतीय महिला क्रिकेट टीम का टी20 विश्व कप जीतने का सपना एक बार फिर टूट गया है। ग्रुप चरण के एक बेहद महत्वपूर्ण और करो या मरो के मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया के हाथों मिली हार के बाद भारतीय टीम टूर्नामेंट से बाहर हो गई है। लगातार दूसरी बार टीम लीग चरण से आगे बढ़ने में नाकाम रही। इस करारी हार के बाद भारतीय टीम के मुख्य कोच अमोल मजूमदार ने खुलकर अपनी निराशा जाहिर की है और स्वीकार किया है कि टीम खेल के तीनों विभागों में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सकी।

ऑस्ट्रेलिया ने फिर तोड़ा दिल, डिफेंड नहीं हो पाया 170 का स्कोर
सेमीफाइनल की रेस में बने रहने के लिए भारत को रविवार को मजबूत ऑस्ट्रेलियाई टीम के खिलाफ हर हाल में जीत की जरूरत थी। भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 170 रनों का एक चुनौतीपूर्ण और मजबूत स्कोर खड़ा किया था। लेकिन, भारतीय गेंदबाज इस बड़े स्कोर का बचाव करने में पूरी तरह नाकाम रहे। ऑस्ट्रेलिया ने शानदार खेल दिखाते हुए मैच अपने नाम कर लिया और भारत को टूर्नामेंट से बाहर का रास्ता दिखा दिया। मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकारों से बात करते हुए मुख्य कोच अमोल मजूमदार ने कहा: “हमें अपनी रणनीति और अपने टी20 खेल पर नए सिरे से विचार करना होगा। हमें गहराई से यह तय करने की जरूरत है कि भविष्य में हम किस संयोजन के साथ मैदान पर उतरने जा रहे हैं।”
मजूमदार ने कहा,‘‘अगर मुझे पूरे टूर्नामेंट में कुछ खास बातों पर ध्यान देना हो, तो मुझे लगता है कि हमें अपनी गेंदबाजी और फील्डिंग पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। हमें बल्लेबाजी में भी थोड़ा आक्रामक होना होगा। ऐसा करने पर हम ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 15 से 20 रन अधिक बना सकते थे।’’
भारतीय कोच ने हालांकि कहा कि उनकी टीम ने चुनौती पूर्ण स्कोर बनाया था लेकिन ऑस्ट्रेलिया ने उनसे बेहतर प्रदर्शन किया।
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि हमने अच्छा स्कोर बनाया था। हमने पारी के अंत में लय भी हासिल कर ली थी और मुझे लगता है कि हमने इसे मैदान पर भी बरकरार रखा। लेकिन आखिर में ऑस्ट्रेलिया हमसे बेहतर टीम साबित हुई।’’
असल में पूरे टूर्नामेंट में भारत की बल्लेबाजी कभी भी लय में नहीं दिखी। शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों के नियमित योगदान के बावजूद मध्य क्रम के बल्लेबाज अच्छी शुरुआत का फायदा उठाने में बारबार नाकाम रहे।
भारत ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पावर प्ले में बिना किसी नुकसान के 43 रन बनाए लेकिन मजूमदार ने कहा कि सलामी बल्लेबाज इससे बेहतर प्रदर्शन कर सकते थे।
उन्होंने कहा, ‘‘ हम थोड़ा अधिक आक्रामक होकर खेल सकते थे। पावर प्ले हमारे अनुकूल नहीं रहा। हम उस समय 15 से 20 रन अधिक बना सकते थे जिससे अंतर पैदा हो सकता था।



