हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले से एक दिल खुश कर देने वाली हिंदी न्यूज सामने आई है। यहां 108 एंबुलेंस सेवा एक बार फिर जीवनदायिनी साबित हुई है। जोत क्षेत्र की एक गर्भवती महिला ने अस्पताल पहुंचने से पहले ही एंबुलेंस में बच्चे को जन्म दिया। ये खबर आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे हैं। एंबुलेंस कर्मचारियों की सूझबूझ से बीच रास्ते में ही सुरक्षित प्रसव कराया गया। फिलहाल जच्चा और बच्चा दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं। यह खबर पूरे जिले में चर्चा का विषय बनी हुई है।
सफर के दौरान बढ़ा प्रसव पीड़ा का दर्द
जानकारी के मुताबिक, यह घटना बुधवार सुबह की है। 108 कंट्रोल रूम को सूचना मिली कि डुगली गांव में एक महिला प्रसव पीड़ा से जूझ रही है। सूचना मिलते ही एंबुलेंस तुरंत मौके पर पहुंची। टीम महिला को लेकर चंबा मेडिकल कॉलेज के लिए निकली। पहाड़ी रास्तों से गुजरते हुए एंबुलेंस अभी आधे रास्ते में ही पहुंची थी कि महिला का दर्द अचानक बढ़ गया। स्थिति नाजुक होती जा रही थी। यह देख एंबुलेंस स्टाफ ने तुरंत गाड़ी रोकने का फैसला किया।
ईएमटी और पायलट बने फरिश्ते
एंबुलेंस में तैनात ईएमटी अनूप कुमार और पायलट सुरेश कुमार ने समझदारी दिखाई। उन्होंने सड़क किनारे एंबुलेंस रोकी और अपनी मेडिकल ट्रेनिंग का इस्तेमाल किया। दोनों ने सूझबूझ से एंबुलेंस के अंदर ही महिला का सुरक्षित प्रसव करवाया। कुछ ही देर में एंबुलेंस में नवजात की किलकारी गूंज उठी। यह एक सुखद हिंदी न्यूज है, जिसने सबको राहत दी। बच्चे के जन्म के बाद परिजनों की जान में जान आई। प्राथमिक उपचार देने के बाद जच्चा-बच्चा को मेडिकल कॉलेज ले जाया गया।
जच्चा-बच्चा दोनों सुरक्षित
चंबा मेडिकल कॉलेज पहुंचने पर डॉक्टरों ने दोनों की जांच की। डॉक्टरों ने बताया कि मां और नवजात बेटा दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं। उनकी हालत सामान्य है और जल्द ही उन्हें छुट्टी दे दी जाएगी। 108 एंबुलेंस के कर्मचारियों का कहना है कि वे मरीजों की सेवा के लिए हमेशा तैयार हैं। इस घटना ने साबित कर दिया है कि आपातकालीन सेवा पहाड़ों में कितनी अहम है। लोग एंबुलेंस स्टाफ की खूब तारीफ कर रहे हैं।