इटावा:- जनपद के भरथना क्षेत्र में उस समय सनसनी फैल गई, जब कोचिंग के लिए निकले छात्र मनीष यादव का शव इकदिल इलाके में रेलवे लाइन के किनारे प्लास्टिक की बोरी में बरामद हुआ.इस हृदयविदारक घटना से पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है.परिजनों ने अपहरण के बाद हत्या की आशंका जताते हुए भरथना पुलिस पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। साथ ही, मामले को गांव में चल रहे जमीनी विवाद से जोड़कर भी देखा जा रहा है.
कोचिंग से लौटते समय हुआ था लापता
भरथना क्षेत्र के बंधा गांव निवासी छात्र मनीष यादव 18 फरवरी को रोज की तरह कोचिंग के लिए घर से निकला था, लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटा. परिजनों ने पहले अपने स्तर पर उसकी तलाश की, रिश्तेदारों और परिचितों से संपर्क किया, मगर कोई सुराग नहीं मिला.इसके बाद परिजनों ने अपहरण की आशंका जताते हुए पुलिस को सूचना दी.परिवार का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद पुलिस ने शुरुआती दौर में मामले को गंभीरता से नहीं लिया, जिससे कीमती समय नष्ट हो गया.
रेलवे ट्रैक के पास बोरी में मिला शव
रात के समय रेलवे की सूचना पर पुलिस इकदिल इलाके में पहुंची, जहां रेलवे ट्रैक के किनारे एक संदिग्ध प्लास्टिक की बोरी पड़ी मिली.जब बोरी खोली गई तो उसमें एक युवक का शव था.शिनाख्त होने पर मृतक मनीष यादव निकला.शव मिलने की खबर मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया.पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर इटावा मुख्यालय स्थित पोस्टमार्टम केंद्र भेजा, जहां पिता राजवीर सिंह और अन्य परिजनों ने शव की पहचान की। ये खबर आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे हैं। इस दौरान परिवार का रो-रोकर बुरा हाल था.
जमीनी विवाद से जुड़ने की आशंका
मृतक के पिता राजवीर सिंह ने आरोप लगाया कि गांव में एक महिला और उसके परिजनों के साथ लंबे समय से जमीन को लेकर अदालती विवाद चल रहा है। उनका कहना है कि इसी रंजिश के चलते उनके बेटे का अपहरण कर उसकी हत्या की गई हो सकती है.परिजनों का साफ कहना है कि यदि समय रहते सख्त कार्रवाई होती, तो मनीष की जान बचाई जा सकती थी.
फिलहाल पुलिस ने सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच शुरू कर दी है.पोस्टमार्टम रिपोर्ट और कॉल डिटेल्स समेत अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की बात कही जा रही है, लेकिन सवाल यही है कि क्या लापरवाही के आरोपों की निष्पक्ष जांच हो पाएगी.