
Per Day Salary in America: दुनिया में जितने देश हैं करीब सभी में मजदूरी से जुड़े अलग-अलग नियम कानून हैं. इनमें कुछ देश ऐसे हैं जहां काम के घंटों को लेकर सख्त नियम है. यानी एक सीमा से बाहर जाकर मजबूर को कम भुगतान ही नहीं किया जा सकता है.
अमेरिका में न्यूनतम मजदूरी कितनी है?
अमेरिका में मजदूरी कम से कम 7.25 डॉलर प्रति घंटा है. यानी अगर कोई व्यक्ति 8 घंटे काम करता है तो उसे करीब 58 डॉलर मिल सकते हैं. भारतीय रुपये में यह रकम 5500 रुपये से ज्यादा बैठती है.
हर राज्य में अलग होती है सैलरी
यूएस डिपार्टमेंट ऑफ लेबर के मुताबिक अमेरिका के कई राज्यों में न्यूनतम मजदूरी फेडरल रेट से ज्यादा है. जैसे कैलिफोर्निया और वॉशिंगटन जैसे राज्यों में मजदूरी 16 डॉलर प्रति घंटा से ज्यादा पहुंच चुकी है. ऐसे में 8 घंटे काम करने पर 12,000 रुपये से ज्यादा मिल सकते हैं.
भारत के मुकाबले काफी ज्यादा कमाई
भारत में कई जगह मजदूरों को 8 घंटे काम के बदले 400 से 800 रुपये तक मिलते हैं. वहीं अमेरिका में यही रकम हजारों रुपये तक पहुंच जाती है. यही वजह है कि लोग वहां नौकरी और मजदूरी को लेकर ज्यादा आकर्षित होते हैं.
लेकिन खर्च भी बहुत ज्यादा
अमेरिका में कमाई ज्यादा जरूर है, लेकिन वहां रहने, खाने और इलाज का खर्च भी काफी महंगा है. कई शहरों में एक महीने का किराया ही लाखों रुपये तक पहुंच जाता है.
कनाडा में भी मजदूरी शानदार
कनाडा में न्यूनतम मजदूरी लगभग 15 से 19 कनाडाई डॉलर प्रति घंटा तक है. वहां 8 घंटे काम करने पर 10000 रुपये से भी ज्यादा का भुगतान हो सकता है.
ऑस्ट्रेलिया में मजदूरों की बल्ले-बल्ले
ऑस्ट्रेलिया दुनिया के उन देशों में गिना जाता है जहां मजदूरों को काफी अच्छी सैलरी मिलती है. वहां न्यूनतम मजदूरी करीब 24 ऑस्ट्रेलियन डॉलर प्रति घंटा तक पहुंच चुकी है. 8 घंटे काम करने पर करीब 13,000 रुपये तक मिल सकते हैं.
ब्रिटेन में भी अच्छी कमाई
ब्रिटेन में 21 साल से ज्यादा उम्र वालों के लिए न्यूनतम वेतन करीब 11 से 12 पाउंड प्रति घंटा है. ऐसे में 8 घंटे काम करने पर करीब 12000 रुपये तक मिल सकते हैं.
दुबई में टैक्स नहीं, इसलिए बचत ज्यादा
दुबई में मजदूरी अमेरिका जितनी नहीं होती, लेकिन वहां इनकम टैक्स नहीं लगता. इसी वजह से लोग वहां जाकर ज्यादा बचत कर पाते हैं. कई मजदूरों को 8 घंटे काम के बदले 3,000 से 5,000 रुपये तक मिल जाते हैं.
चीन और जापान में भी मजदूरी अच्छी
जापान में प्रति घंटा मजदूरी 1,000 येन से ज्यादा हो सकती है. वहीं चीन के बड़े शहरों में मजदूरी तेजी से बढ़ रही है. इन देशों में भी भारतीयों के मुकाबले ज्यादा कमाई देखने को मिलती है.
सिर्फ कमाई नहीं, स्किल भी जरूरी
विदेशों में ज्यादा मजदूरी पाने के लिए सिर्फ मेहनत नहीं बल्कि स्किल भी जरूरी होती है. टेक्निकल काम, मशीन ऑपरेशन, ड्राइविंग और हेल्थ सेक्टर जैसे क्षेत्रों में मजदूरों को ज्यादा पैसे मिलते हैं.


