Gorakhpur Hospital: गोरखपुर जिला अस्पताल में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक महिला ने बच्चे को जन्म देने के बाद नवजात को बाहर फेंक देने को कहा। यह घटना प्रसूता वार्ड की है। चाइल्ड केयर को सूचना दी गई।

UP News: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में हैरान करने वाला मामला आया है। यहां जिला अस्पताल में एक महिला ने नवजात बच्चे को जन्म देने के साथ ही उसे पालने से इन्कार कर दिया। मामला 17 दिसंबर का है। महिला ने अस्पताल में नवजात को जन्म देने के बाद अपने पास रखने से मना कर दिया। उसने स्टाफ नर्स से कहा कि मैं इसे नहीं पाल सकती। इसका बाप मुझसे अलग हो गया है। ये खबर आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे हैं। जब वह अलग हो गया है, तब मुझे इस बच्चे से क्या मतलब है?
महिला की बात सुनकर कमरे में मौजूद सभी लोग हैरान रह गए। सभी लोगों ने उसे समझाने की कोशिश की, लेकिन उस पर कोई फर्क नहीं पड़ा। महिला ने साफ इन्कार करते हुए कहा कि इससे मेरा कोई लेना-देना नहीं है। यह मेरे बेवफा पति का बेटा है। यह उसकी अमानत है। मैंने इसको जन्म जरूर दिया है, लेकिन जब वह मुझसे दूर चला गया तो मैं इसे कैसे पालूं?
दूध तक नहीं पिलाया
वार्ड में मौजूद डॉक्टर, नर्स और अन्य मरीजों ने महिला को समझाने की काफी कोशिश की। इसके बाद वह और नाराज हो गई। उसने कहा कि आप चाहें तो इसे कहीं अनाथालय में दे सकते हैं या किसी कूड़ेदान में डाल दें। मेरा इससे कोई लेना-देना नहीं। यह सुनते ही डॉक्टर समेत स्टाफ के लोग हैरान रह गए। जैसे ही मामला एसआईसी जय कुमार तक पहुंचा तो वह महिला से मिलने वार्ड में आए। उन्होंने प्रसूता को समझाने की कोशिश की, लेकिन महिला बच्चे को अपने पास रखने को तैयार नहीं थी। इतना ही नहीं नवजात को मां का दूध पिलाने से भी इन्कार कर दिया।
वार्ड में मौजूद महिलाओं ने पहले नवजात को पिलाया दूध
अस्पताल प्रबंधन ने मामला बढ़ता देखकर चाइल्ड केयर को कॉल करके सूचना दे दी। दो दिन तक न्यू बर्न वार्ड में रखने के बाद नवजात की हालत में सुधार हो गया। इस दौरान बच्चे को वार्ड में मौजूद अन्य महिलाओं ने दूध पिलाया, लेकिन उसकी मां उसे दूध पिलाने को तैयार नहीं थी। फिर बुधवार को अचानक उसका ममत्व जगा और वह रोते हुए अपने बच्चे को गोद में छुपा ली।