हिमाचली खबर: Lucknow News: उत्तर प्रदेश एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड ने एक बड़े आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश करते हुए दो युवकों को गिरफ्तार किया है. दोनों आरोपी पाकिस्तानी गैंगस्टरों और हैंडलर्स के संपर्क में थे और देश के संवेदनशील प्रतिष्ठानों, पुलिस थानों और वर्दीधारी जवानों पर हमले की साजिश रच रहे थे. गिरफ्तार युवकों की पहचान दानियाल अशरफ निवासी बाराबंकी और कृष्ण मिश्रा निवासी कुशीनगर के रूप में हुई है. दानियाल को बाराबंकी से और कृष्ण मिश्रा को गोरखपुर से गिरफ्तार किया गया.

पाकिस्तानी गैंगस्टरों से सीधा संपर्क
यूपी एटीएस के अनुसार, दोनों आरोपी पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी, आबिद जट और हम्माद के संपर्क में थे. ये पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े नेटवर्क का हिस्सा बताए जा रहे हैं. पूछताछ में पता चला कि दोनों युवकों को सोशल मीडिया, खासकर इंस्टाग्राम के जरिए भर्ती किया गया था. उन्हें फुट सोल्जर और स्लीपर सेल के रूप में इस्तेमाल करने की योजना थी. आर्थिक लालच देकर युवाओं को रेडिकलाइज करने की रणनीति अपनाई जा रही थी.
‘मैं तुम्हें भारत में हीरो बना दूंगा’
शहजाद भट्टी ने कृष्ण मिश्रा से कथित तौर पर कहा था कि मेरे कहने के अनुसार काम करोगे तो मैं तुम्हें भारत में हीरो बना दूंगा. दोनों के मोबाइल फोन में शहजाद भट्टी, आबिद जट और हम्माद के नंबर सहेजे हुए मिले. वीडियो कॉल, वॉइस नोट्स, वॉट्सऐप चैट और देशविरोधी सामग्री बरामद हुई. दानियाल अशरफ ने दूसरे राज्य के एक पुलिस स्टेशन की रेकी का वीडियो बनाकर हैंडलर्स को भेजा था और हमले के लिए पैसे व हथियार की मांग की थी.
कृष्ण मिश्रा के फोन में वीडियो मिले, जिनमें वर्दीधारी व्यक्ति को गोली मारकर वीडियो भेजने का टास्क दिया गया था.
हम्माद ने आबिद जट की पाकिस्तान डॉन वाली फोटो भेजी थी, जिसकी 50 प्रतियां छपवाकर महत्वपूर्ण जगहों पर चिपकाने की योजना थी.
एक कुशीनगर तो एक बाराबंकी का रहने वाला
यूपी एटीएस को इन दोनों संदिग्धों के पास से एक देशी 9 एमएम पिस्टल, एक 315 बोर का तमंचा, 6 जिंदा कारतूस और दो मोबाइल फोन मिले. संदिग्ध कृष्ण मिश्रा पुत्र छोटेलाल मिश्रा, मूल निवासी ग्राम हरपर, थाना जटहन बाजार, कुशीनगर का निवासी है. वर्तमान में बेलवामिश्र, थाना रविंद्रनगर, कुशीनगर में रहता है.
वहीं दानियाल अशरफ पुत्र महमूद अंसारी, निवासी ग्राम किंतूर, थाना बदोसराय, बाराबंकी का निवासी है. यूपी एटीएस के अनुसार दोनों आरोपी संवेदनशील संस्थानों, पुलिस थानों, चौकियों और पुलिसकर्मियों पर हमला कर देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता को खतरे में डालने की साजिश में शामिल थे.



