Himachal Pradesh के चंबा जिले के जनजातीय क्षेत्र पांगी से एक ऐसा दर्दनाक मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया। लोक निर्माण विभाग (PWD) में कार्यरत एक कर्मचारी रोजाना की तरह ड्यूटी खत्म कर घर लौट रहा था, लेकिन परिवार को क्या पता था कि जिस शख्स का वे रातभर इंतजार करेंगे, वह अब कभी वापस नहीं लौटेगा। सुबह जब गहरी खाई में उसकी लाश मिली तो परिवार की चीखों से पूरा गांव दहल उठा।

मृतक की पहचान गिरधारी लाल निवासी Ghissal Village के रूप में हुई है। वह Public Works Department Himachal Pradesh में बेलदार के पद पर तैनात थे और लंबे समय से विभाग में सेवाएं दे रहे थे। क्षेत्र में उनकी पहचान मेहनती और मिलनसार कर्मचारी के रूप में थी।

जानकारी के अनुसार शनिवार शाम गिरधारी लाल सब डिवीजन साच में अपनी ड्यूटी खत्म करने के बाद पैदल घर लौट रहे थे। बताया जा रहा है कि टांकू ढांक बदरूड़ ढांक के पास पहुंचते ही संकरे और खतरनाक पहाड़ी रास्ते पर उनका संतुलन बिगड़ गया। इससे पहले कि वह खुद को संभाल पाते, उनका पैर फिसला और वह सीधे सैकड़ों फीट गहरी खाई में जा गिरे। हादसा इतना भयानक था कि मौके पर ही उनकी मौत हो गई।

उधर घर में परिवार देर रात तक उनका इंतजार करता रहा। जब काफी समय बीतने के बाद भी वह घर नहीं पहुंचे तो परिजनों की बेचैनी बढ़ गई। कई बार फोन मिलाया गया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद ग्रामीणों के साथ मिलकर रातभर उनकी तलाश की गई। अंधेरा और दुर्गम पहाड़ी रास्ते होने के कारण खोजबीन में भारी मुश्किलें आईं, लेकिन रातभर उनका कोई सुराग नहीं मिल पाया।

रविवार सुबह फिर से सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। काफी तलाश के बाद करीब 11 बजे ग्रामीणों ने गहरी खाई में गिरधारी लाल का शव देखा। शव बाहर निकालते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। गांव में मातम छा गया और हर आंख नम नजर आई।

सूचना मिलने के बाद Himachal Pradesh Police की टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। शुरुआती जांच में मामला हादसे का माना जा रहा है, हालांकि पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है।

इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर पांगी जैसे दुर्गम क्षेत्रों में कर्मचारियों और ग्रामीणों के सामने मौजूद जोखिम भरे रास्तों की सच्चाई को उजागर कर दिया है।