हिमाचली खबर: Kanpur hospital wedding: उत्तर प्रदेश में कानपुर के घाटमपुर थाना क्षेत्र में हुए दर्दनाक हादसे के बीच एक ऐसी शादी हुई, जिसने हर किसी की आंखें नम कर दीं. आग में झुलसी दुल्हन गरिमा का इलाज कानपुर के जाजमऊ स्थित एक निजी अस्पताल में चल रहा था, लेकिन दूल्हे विकास ने मुश्किल हालात में भी उसका साथ नहीं छोड़ा. गुरुवार देर रात वह सीधे अस्पताल पहुंचा और वहीं शादी की रस्में निभाने का फैसला किया.

अस्पताल प्रशासन और परिजनों के सहयोग से अस्पताल को ही शादी के मंडप में बदल दिया गया. दूल्हा जयमाला लेकर अस्पताल पहुंचा, जहां गंभीर रूप से घायल दुल्हन गरिमा को सहारे से सोफे पर बैठाया गया. परिवार और अस्पताल स्टाफ की मौजूदगी में दोनों ने एकदूसरे को वरमाला पहनाई और सात फेरे लेकर शादी के पवित्र बंधन में बंध गए. यह भावुक क्षण देखकर अस्पताल में मौजूद कई लोगों की आंखें भर आईं. अस्पताल का स्टाफ भी इस शादी में बाराती और घराती बन गया.
हादसे से टूट गया था दुल्हन का परिवार
दुल्हन के पिता जगदीश ने बताया कि हादसे के बाद वह पूरी तरह टूट चुके थे और उन्हें लग रहा था कि बेटी की शादी अब कैसे होगी. लेकिन दामाद विकास ने उनका सिर गर्व से ऊंचा कर दिया. उन्होंने कहा कि विकास ने हर परिस्थिति में गरिमा का साथ निभाने का वादा किया है. फिलहाल गरिमा का इलाज जारी है और डॉक्टरों के अनुसार उसे पूरी तरह ठीक होने में करीब 10 दिन लग सकते हैं. इसके बाद उसकी विदाई की जाएगी.
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, 13 मई को घाटमपुर के जगन्नाथपुर गांव में गरिमा के मेहंदी समारोह के दौरान गैस रिसाव के कारण आग लग गई थी. भगदड़ के दौरान भट्टी पर रखा गर्म तेल कई लोगों पर गिर गया, जिससे करीब 12 लोग झुलस गए थे. हादसे में दुल्हन गरिमा और उसके पिता भी गंभीर रूप से घायल हो गए थे. इस घटना के बाद शादी को लेकर परिवार गहरे सदमे में था.
दूल्हे ने अस्पताल में की शादी
इसी बीच दूल्हे विकास ने संवेदनशीलता और इंसानियत की मिसाल पेश करते हुए बारात गांव ले जाने के बजाय अस्पताल पहुंचने का निर्णय लिया. उसने गरिमा के पिता से कहा कि वह हर हाल में गरिमा से ही शादी करेगा और उसके ठीक होने के बाद ही विदाई होगी. इस अनोखी शादी की चर्चा अब पूरे इलाके में हो रही है.



