हिमाचली खबर: Jaipur News: राजस्थान की राजधानी जयपुर के मानसरोवर क्षेत्र में विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला अब गंभीर मोड़ लेता जा रहा है. कोटपुतलीबहरोड़ जिले के कल्याणपुरा गांव निवासी 36 वर्षीय अनु मीणा की मौत के बाद परिजनों ने पति और ससुराल पक्ष पर दहेज प्रताड़ना, मानसिक एवं शारीरिक उत्पीड़न तथा आत्महत्या के लिए मजबूर करने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं. मामले को लेकर परिवार में गहरा आक्रोश है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठ रही है. अब इस केस में अनु के साथ मारपीट का CCTV सामने आया है.

इसमें पति गौतम अपनी पत्नी अनु को प्रताड़ित करते दिखा. जानकारी के अनुसार, अनु मीणा का विवाह वर्ष 2015 में चौमू क्षेत्र के चिथवाड़ी निवासी गौतम मीणा से हुआ था. गौतम मीणा वर्तमान में सार्वजनिक निर्माण विभाग में एक्सईएन पद पर कार्यरत बताया जा रहा है तथा उसकी पोस्टिंग निवाई, जिला टोंक में है. विवाह के बाद दंपति अपने दो बच्चों के साथ जयपुर के मानसरोवर क्षेत्र में निवास कर रहा था. परिजनों का आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद से ही अनु मीणा को दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाने लगा था.
परिवार का कहना है कि विवाह में लाखों रुपये खर्च किए गए, सोनेचांदी के आभूषण और अन्य उपहार भी दिए गए, लेकिन इसके बावजूद ससुराल पक्ष की मांगें खत्म नहीं हुईं. आरोप है कि पति गौतम मीणा शराब के नशे में आए दिन मारपीट करता था और मानसिक रूप से प्रताड़ित करता था. कई बार उसे घर से निकालने और दूसरी शादी करने की धमकियां भी दी गईं. मृतका के भाई ने रिपोर्ट में आरोप लगाया है कि वर्ष 2022 में भी ससुराल पक्ष को बड़ी रकम दी गई थी, लेकिन इसके बावजूद अनु मीणा के साथ दुर्व्यवहार और प्रताड़ना का सिलसिला लगातार जारी रहा.
पत्नी के चरित्र पर संदेह करता था
आरोप है कि पति महिला के चरित्र पर संदेह करता था और उसे मानसिक रूप से अपमानित करता था. साथ ही परिवार को बदनाम करने की धमकियां भी दी जाती थीं. परिवार का दावा है कि अनु मीणा ने मौत से पहले कई बार अपने भाई और अन्य परिजनों को वीडियो कॉल और संदेश भेजकर अपनी जान को खतरा बताया था. परिजनों के अनुसार, महिला लंबे समय से मानसिक तनाव और भय के माहौल में जीवन जी रही थी. रिपोर्ट में यह भी गंभीर आरोप लगाया गया है कि मार्च 2026 में आरोपी पति ने घर में गैस छोड़कर पत्नी और बच्चों को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया था. हालांकि, उस समय कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ, लेकिन घटना के बाद से महिला और अधिक भयभीत रहने लगी थी.
7 अप्रैल 2026 को अनु मीणा ने फिर आत्महत्या कर ली. घटना के बाद परिवार में शोक और आक्रोश का माहौल है. मृतका अपने पीछे दो छोटे बच्चों को छोड़ गई है, जिनमें 10 वर्षीय बेटा और 8 वर्षीय बेटी शामिल हैं. परिजनों का कहना है कि दोनों बच्चे अपनी मां की मौत के बाद गहरे सदमे में हैं और पिता से भयभीत रहते हैं. परिवार का दावा है कि बच्चों ने भी अपने पिता द्वारा मां के साथ मारपीट और प्रताड़ना की बात परिजनों को बताई है.
दोनों बच्चों की कस्टडी की मांग
मामले को लेकर एसीपी कार्यालय मानसरोवर में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है. पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 128 एवं 85 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. पुलिस विभिन्न साक्ष्यों, वीडियो रिकॉर्डिंग, कॉल डिटेल और अन्य तथ्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की पड़ताल कर रही है. इधर, मृतका के नाना रोहिताश मीणा और नानी माया देवी ने दोनों बच्चों की कस्टडी की मांग उठाई है. उनका कहना है कि बच्चों का भविष्य सुरक्षित रखने और उन्हें बेहतर वातावरण देने के लिए बच्चों को परिवार के संरक्षण में सौंपा जाना चाहिए.
पुलिस कर रही मामले की जांच
परिवार का आरोप है कि बच्चों की मानसिक स्थिति को देखते हुए उनका सुरक्षित माहौल में पालनपोषण बेहद जरूरी है. घटना के बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गई है. सामाजिक संगठनों और ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है. वहीं, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से गंभीरता से जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.



