भारत और इक्वाडोर एक प्रेफरेंशियल ट्रेड पैक्ट को पक्का करने की ओर कदम बढ़ा रहे हैं. साथ ही स्वास्थ्य सेवा, कृषि और डिजिटल टेक्नोलॉजी के सेक्टर्स में सहयोग बढ़ाने पर भी सहमत हुए हैं. विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस हफ्ते विदेश मंत्री एस. जयशंकर और उनकी इक्वाडोर की समकक्ष गैब्रिएला सोमरफेल्ड रोसेरो के बीच हुई बातचीत का मुख्य केंद्र द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के तरीके थे. MEA ने शनिवार को बताया कि विदेश मंत्री सोमरफेल्ड की, अपने डिप्टी अलेजांद्रो डावालोस के साथ, भारत की दोदिवसीय यात्रा ने दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मज़बूत करने में एक “नया अध्याय” शुरू किया है.

ग्लोबल ट्रेड में भारत की नई छलांग! इक्वाडोर के साथ बड़ी डील की तैयारी; सस्ते होंगे कई विदेशी उत्पाद
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मंत्रालय ने कहा कि 29 अप्रैल को हुई अपनी बातचीत में, जयशंकर और सोमरफेल्ड ने “स्वास्थ्य सेवा और फार्मास्यूटिकल्स, कृषि, व्यापार और निवेश, डिजिटल टेक्नोलॉजी, सांस्कृतिक संबंधों, क्षमता निर्माण और बहुपक्षीय संस्थानों में सहयोग सहित कई क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया. मंत्रालय ने बताया कि सोमरफेल्ड ने भारतीय पक्ष को औपचारिक पत्र सौंपे, जिनके ज़रिए इक्वाडोर ने इंटरनेशनल सोलर अलायंस और इंटरनेशनल बिग कैट अलायंस में शामिल होने के अपने फ़ैसले की जानकारी दी.

इन पर हुई चर्चा

जयशंकर और सोमरफेल्ड ने इक्वाडोर में ‘क्विक इम्पैक्ट प्रोजेक्ट्स’ को लागू करने के लिए भारत की तरफ से दी जाने वाली अनुदान सहायता के संबंध में एक समझौता ज्ञापन पर भी हस्ताक्षर किए. इस समझौते के तहत, भारत इक्वाडोर को पांच साल की अवधि में विभिन्न सामाजिकआर्थिक विकास परियोजनाओं को लागू करने के लिए 12 करोड़ रुपए तक की अनुदान सहायता प्रदान करेगा. MEA ने कहा कि चिह्नित क्षेत्रों में इन परियोजनाओं के लागू होने से इक्वाडोर के स्थानीय समुदायों का कल्याण और जीवन की गुणवत्ता बेहतर होगी, जिससे विकास को बढ़ावा मिलेगा और जनता का विश्वास बढ़ेगा.

मंत्रालय ने बताया कि सोमरफेल्ड ने वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल से भी मुलाक़ात की, और दोनों नेताओं ने दोनों देशों के बीच एक प्रेफरेंशियल ट्रेड एग्रीमेंट के लिए एक रोडमैप पर चर्चा की. मंत्रालय ने आगे कहा कि चर्चाओं का मुख्य केंद्र इक्वाडोर को भारतीय फार्मास्यूटिकल्स के निर्यात को बढ़ाना और तांबा व सोना जैसे महत्वपूर्ण खनिजों के लिए सप्लाई चेन में साझेदारी करना भी था.

इंडियन फार्माकोपिया मान्यता

सोमरफेल्ड ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से भी मुलाकात की, ताकि द्विपक्षीय स्वास्थ्य सहयोग को आगे बढ़ाने पर चर्चा की जा सके. इस चर्चा का विशेष जोर किफायती स्वास्थ्य समाधानों और अत्याधुनिक चिकित्सा प्रणालियों पर था. MEA ने कहा कि चर्चाओं का मुख्य केंद्र एक संस्थागत तकनीकी तंत्र स्थापित करना था, ताकि चिकित्सा उत्पादों के क्षेत्र में द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत बनाने के उद्देश्य से विभिन्न पहलों को आगे बढ़ाया जा सके. इनमें जानकारी के आदानप्रदान और नियामक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए इक्वाडोर द्वारा ‘इंडियन फार्माकोपिया’ को मान्यता देना भी शामिल है. MEA ने यह भी बताया कि दोनों पक्ष केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय और इक्वाडोर के इसके समकक्ष मंत्रालय के बीच स्वास्थ्य सहयोग पर एक MoU करने पर भी सहमत हुए.