
Toe Wrestling : आपने कबड्डी, कुश्ती और मुक्केबाजी जैसे खेल जरूर देखे होंगे, लेकिन क्या आपने कभी टो रेसलिंग के बारे में सुना है? यह एक अनोखा खेल है, जिसमें खिलाड़ी हाथों की बजाय पैरों के अंगूठों से मुकाबला करते हैं। सुनने में यह थोड़ा अजीब जरूर लगता है, लेकिन यूनाइटेड किंगडम में इसे बाकायदा प्रतियोगिता के रूप में खेला जाता है।
इस खेल में दो खिलाड़ी लकड़ी के बोर्ड पर आमने-सामने बैठते हैं, अपने पैर के अंगूठों को आपस में फंसाते हैं और कोशिश करते हैं कि सामने वाले का अंगूठा नीचे दबा दें। ये खबर आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे हैं। यह कुछ हद तक थंब रेसलिंग जैसा है, फर्क सिर्फ इतना है कि यहां हाथ नहीं, पैर काम करते हैं।
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पैर के अंगूठे से कुश्ती
टो रेसलिंग की शुरुआत 1974 में इंग्लैंड के स्टैफोर्डशायर में स्थित Ye Olde Royal Oak Inn नाम के एक पब में हुई थी। कुछ दोस्तों ने मिलकर ऐसा खेल बनाने की सोची, जिसे हर कोई खेल सके। धीरे-धीरे यह खेल लोकप्रिय होने लगा।
1976 में एक कनाडाई खिलाड़ी ने आकर अंग्रेज खिलाड़ियों को हरा दिया, जिसके बाद इसकी चर्चा तो हुई, लेकिन लोकप्रियता कुछ कम हो गई। फिर 1994 में उसी पब के मालिक को पुराने नियमों की किताब मिली और खेल को दोबारा शुरू किया गया। इसके बाद से टो रेसलिंग चैंपियनशिप और यूरोपीय स्तर की प्रतियोगिताएं आयोजित की जाने लगीं।
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अनोखी शैली और मनोरंजक अंदाज
इस खेल के अपने भी हैं। एलन नेस्टी नेश को सबसे सफल खिलाड़ियों में गिना जाता है। वहीं बेन फ्रॉडरोफे मौजूदा माने जाते हैं। महिलाओं के लिए भी अलग श्रेणी रखी गई है, जिसमें कई प्रतिभागी हिस्सा लेती हैं। भले ही यह खेल आम खेलों जैसा लोकप्रिय न हो, लेकिन इसकी अनोखी शैली और मनोरंजक अंदाज इसे खास बनाते हैं।