भारत में धार्मिक यात्राओं का अपना अलग महत्व है. हर साल लाखों श्रद्धालु देश के अलगअलग हिस्सों से प्रसिद्ध मंदिरों और तीर्थ स्थलों के दर्शन के लिए पहुंचते हैं. इन्हीं में से एक ओडिशा के पुरी में आयोजित होने वाली भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा है, जिसे दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में गिना जाता है. इस दौरान पूरा पुरी शहर आस्था और भक्ति के रंग में रंगा नजर आता है. बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की वजह से प्रशासन की ओर से सुरक्षा और आनेजाने की व्यवस्था की जाती है.

इस साल पुरी जगन्नाथ रथ यात्रा से जुड़े धार्मिक कार्यक्रम 16 जुलाई से 24 जुलाई तक आयोजित किए जा रहे हैं. ऐसे में अगर आप भी इस दौरान पुरी जाने का प्लान बना रहे हैं, तो यात्रा से पहले कुछ जरूरी जानकारी आपकी ट्रिप को आसान और बेहतर बना सकती है.
पहले से सही प्लानिंग करने पर समय और पैसे, दोनों की बचत हो सकती है. आइए जानते हैं कि पुरी जगन्नाथ यात्रा पर जाने से पहले किन जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए, पुरी कैसे पहुंचें, कहां ठहरें और आसपास क्याक्या एक्सप्लोर करें. ये खबर आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे है।
पुरी जगन्नाथ यात्रा पर जाने से पहले जान लें ये जरूरी बातें
रथ यात्रा के दौरान पुरी में श्रद्धालुओं की संख्या लाखों में होती है, इसलिए ट्रेन, फ्लाइट और होटल की बुकिंग पहले से कर लेना बेहतर रहता है. मौसम को देखते हुए हल्के सूती कपड़े, छाता या रेनकोट, आरामदायक जूते, पानी की बोतल, जरूरी दवाएं और पहचान पत्र साथ रखें. बच्चों और बुजुर्गों के साथ यात्रा कर रहे हैं, तो भीड़ में उनका विशेष ध्यान रखें.
मंदिर में मोबाइल फोन, कैमरा और कुछ अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान ले जाने की परमिशन नहीं होती, इसलिए इन्हें क्लॉक रूम में जमा करना पड़ सकता है. दर्शन के लिए मुख्य प्रवेश द्वार ‘सिंहद्वार’ का उपयोग किया जाता है. रथ यात्रा और बहुदा यात्रा के दिन सबसे ज्यादा भीड़ रहती है, इसलिए समय का ध्यान रखते हुए यात्रा की प्लानिंग करें और प्रशासन की ओर से जारी नियमों का पालन करें.
कैसे पहुंचें, कहां ठहरें और क्या एक्सप्लोर करें?
पुरी पहुंचने के लिए सबसे नजदीकी एयरपोर्ट भुवनेश्वर है जो यहां से करीब 60 किलोमीटर दूर है. वहां से टैक्सी और बस आसानी से मिल जाती है. पुरी रेलवे स्टेशन भी देश के प्रमुख शहरों से जुड़ा हुआ है. ठहरने के लिए मंदिर के आसपास धर्मशाला, बजट होटल और लग्जरी होटल उपलब्ध हैं, लेकिन रथ यात्रा के दौरान पहले से बुकिंग कर लेना बेहतर रहता है.
दर्शन के बाद जगन्नाथ मंदिर, गुंडीचा मंदिर, पुरी गोल्डन बीच, स्वर्गद्वार बीच, लोकनाथ मंदिर और रघुराजपुर हेरिटेज विलेज भी घूम सकते हैं. 1 से 2 दिन की ट्रिप के लिए प्रति व्यक्ति ₹5,000 से ₹12,000 का बजट काफी हो सकता है. यह आपके आनेजाने के तरीके और होटल पर निर्भर करता है.
जगन्नाथ यात्रा के दौरान किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
रथ यात्रा के दौरान भारी भीड़ रहती है, इसलिए प्रशासन के नियमों का पालन करें और बैरिकेडिंग पार करने की कोशिश न करें. जुलाई में पुरी में गर्मी के साथ उमस और बारिश की संभावना भी रहती है, इसलिए छाता या रेनकोट जरूर रखें. बच्चों और बुजुर्गों को भीड़ में अकेला न छोड़ें और उनके लिए समयसमय पर आराम की व्यवस्था करें.
कीमती सामान कम से कम साथ रखें और किसी भी अफवाह पर भरोसा न करें. सुबह जल्दी या प्रशासन द्वारा तय समय के अनुसार दर्शन की प्लानिंग करना बेहतर रहता है. किसी भी परेशानी की स्थिति में तुरंत पुलिस या सहायता केंद्र से संपर्क करें.



