Sant Kabir Nagar Tameshwarnath Dham Corridor: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संतकबीरनगर स्थित तामेश्वरनाथ धाम को भव्य कॉरिडोर के रूप में विकसित करने की घोषणा की है. सीएम योगी ने कहा कि जिस तरह वाराणसी, अयोध्या और विंध्याचल के प्रमुख धार्मिक स्थलों का विकास किया गया है, उसी तर्ज पर तामेश्वरनाथ धाम को भी नई पहचान दी जाएगी.

सीएम योगी ने कहा कि धार्मिक स्थलों का विकास केवल आस्था से जुड़ा विषय नहीं है, बल्कि यह हमारी सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का भी प्रयास है. उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश के प्रमुख तीर्थ स्थलों को आधुनिक सुविधाओं से जोड़कर श्रद्धालुओं के लिए बेहतर व्यवस्था तैयार कर रही है.
तामेश्वरनाथ धाम बनेगा पूर्वांचल का प्रमुख धार्मिक केंद्र
संत कबीर नगर स्थित तामेश्वरनाथ धाम का विकास होने से क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा. प्रस्तावित कॉरिडोर बनने के बाद संत कबीर नगर के साथसाथ आसपास के जिलों के श्रद्धालुओं को भी इसका लाभ मिलेगा. सरकार की योजना है कि इस धाम को बेहतर सड़क, यातायात और अन्य सुविधाओं से जोड़ा जाए.
इसके जरिए संत कबीर नगर, बस्ती, सिद्धार्थनगर और गोरखपुर के श्रद्धालुओं को आसानी से मंदिर तक पहुंचने की सुविधा मिलेगी. इसके अलावा लखनऊ, वाराणसी, अयोध्या और प्रयागराज जैसे शहरों से भी बेहतर कनेक्टिविटी विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है. तामेश्वरनाथ धाम को गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ने की दिशा में भी काम किया जाएगा, जिससे यहां आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को सुविधा मिलेगी.
अज्ञातवास के दौरान पांडव पहुंचे थे यहां
तामेश्वरनाथ धाम का इतिहास काफी पुराना बताया जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, महाभारत काल में जब पांडव अज्ञातवास के दौरान यहां पहुंचे थे, तब माता कुंती ने भगवान शिव की पूजाअर्चना की थी. मान्यता है कि यहां भगवान शिव स्वयंभू रूप में विराजमान हैं और सच्चे मन से पूजा करने वाले भक्तों की मनोकामना पूरी होती है.
सावन और महाशिवरात्रि के अवसर पर यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं. भक्त मंदिर में पूजा करने के बाद परिसर की परिक्रमा भी करते हैं. तामेश्वरनाथ मंदिर परिसर में मुख्य मंदिर के अलावा कई छोटेबड़े मंदिर भी मौजूद हैं, जहां दूरदूर से लोग दर्शन के लिए आते हैं.
स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, भगवान शिव की आराधना से जुड़ा यह स्थान धार्मिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जाता है. यही वजह है कि सरकार अब इसके विकास को लेकर बड़ा कदम उठाने जा रही है.
संत कबीर नगर की बखिरा झील के विकास का भी जिक्र किया. बखिरा झील को इको टूरिज्म केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा. बखिरा झील के विकसित होने से क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियां बढ़ेंगी और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे. सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों को संरक्षित करने के साथसाथ उन्हें आर्थिक विकास का माध्यम बनाने की योजना पर काम किया जा रहा है. इससे श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी.
धार्मिक स्थलों के विकास से बढ़ेगा रोजगार
मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या, वाराणसी और विंध्याचल जैसे धार्मिक स्थलों के विकास से वहां पर्यटन को बढ़ावा मिला है. इसी मॉडल पर संत कबीर नगर के धार्मिक स्थलों को भी विकसित किया जाएगा.
उन्होंने कहा कि बाबा तामेश्वरनाथ धाम और बैजू धाम जैसे स्थलों का सौंदर्यीकरण केवल धार्मिक भावनाओं का सम्मान नहीं है, बल्कि यह उन पूर्वजों की विरासत को आगे बढ़ाने का प्रयास है जिन्होंने इन स्थलों को स्थापित किया. सरकार का उद्देश्य है कि धार्मिक पर्यटन के साथसाथ क्षेत्र में रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिले.
विकास योजनाओं से बदलेगी संत कबीर नगर की तस्वीर
सीएम योगी ने कहा कि प्रस्तावित कॉरिडोर बनने के बाद तामेश्वरनाथ धाम की पहचान प्रदेश और देश स्तर पर मजबूत होगी. इससे संत कबीर नगर जिले के विकास को भी नई गति मिलेगी. उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के हर महत्वपूर्ण धार्मिक और सांस्कृतिक स्थल को बेहतर सुविधाओं से जोड़ा जाए, ताकि श्रद्धालुओं और पर्यटकों को किसी तरह की परेशानी न हो. तामेश्वरनाथ धाम कॉरिडोर और बखिरा झील इको टूरिज्म परियोजना को संत कबीर नगर के विकास की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है.



