केंद्र सरकार ने लोकसभा में बताया है कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम , 2013 के तहत साल 2021 में 29 लाख 2 हजार 794, 2022 में 63 लाख 80 हजार 274, 2023 में 41 लाख 99 हजार 373, 2024 में 48 लाख 85 हजार 259 और 2025 में 41 लाख 41 हजार 385 राशन कार्ड हटाए गए. इनमें सबसे ज्यादा राशन कार्ड 2022 में डिलीट किए गए, जब यह संख्या 63 लाख 80 हजार से अधिक थी. इन सबको जोड़े तो देश में कुल दो करोड़ 25 लाख 9 हजार 85 राशन कार्ड डिलीट किए

सरकार के जवाब के साथ जारी आंकड़ों में 2021 से 2025 तक हर राज्य और केंद्रशासित प्रदेश में हटाए गए राशन कार्डों की संख्या दी गई है. इसमें सबसे ज्यादा राशन कार्ड उत्तर प्रदेश में हटाए गए हैं. फिर आंध्र प्रदेश, हरियाणा, पश्चिम बंगाल और मध्य प्रदेश का स्थान आता है.
20212025 के अंतराल में किस राज्य से कितने राशन कार्ड हटाए गए
- उत्तर प्रदेश: 38,56,586
- आंध्र प्रदेश: 31,60,584
- हरियाणा: 27,18,177
- पश्चिम बंगाल: 25,81,660
- मध्य प्रदेश: 25,53,115.
सालदरसाल 20212025 तक देशभर से कितने राशन कार्ड हटाए गए?
सरकार के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2021 में देशभर में 29 लाख 2 हजार 794 राशन कार्ड डिलीट किए गए. 2022 में यह संख्या बढ़कर 63 लाख 80 हजार 274 हो गई. यानी एक साल में ही करीब 34.77 लाख अधिक राशन कार्ड हटाए गए. 2023 में कुल 41 लाख 99 हजार 373 राशन कार्ड डिलीट हुए. इसके बाद 2024 में यह संख्या बढ़कर 48 लाख 85 हजार 259 हो गई. वर्ष 2025 में देशभर में 41 लाख 41 हजार 385 राशन कार्ड हटाए गए. इस तरह पांच साल में कुल 2.25 करोड़ से अधिक राशन कार्ड डिलीट हुए.
इन आंकड़ों में सबसे बड़ा उछाल 2022 में दिखाई देता है. इस साल अकेले 63.80 लाख से ज्यादा कार्ड हटाए गए, जो पांच साल की अवधि में किसी एक साल का सबसे बड़ा आंकड़ा है. 2021 के मुकाबले 2022 में डिलीट किए गए राशन कार्डों की संख्या दोगुने से भी ज्यादा हो गई. इसके बाद 2023 में इसमें कमी आई, लेकिन 2024 में फिर से बढ़ोतरी दर्ज हुई.
2021 से 2025 तक हर साल इन राज्यों से इतने राशन कार्ड हटे
- यूपी में 2021 में 7 लाख 19 हजार 213, 2022 में 9 लाख 99 हजार 100, 2023 में 7 लाख 138, 2024 में 8 लाख 41 हजार 123 और 2025 में 5 लाख 97 हजार 12 कार्ड डिलीट किए गए. यानी हर साल बड़ी संख्या में राशन कार्डों को सूची से बाहर किया गया.
- आंध्र प्रदेश में 202125 के दौरान कुल 31 लाख 60 हजार 584 राशन कार्ड हटाए गए. 2022 में 30 लाख 94 हजार 232 राशन कार्ड डिलीट किए गए. इसके बाद 2023 में यह संख्या घटकर 52 हजार 610 रह गई और 2024 में केवल 512 तथा 2025 में 102 कार्ड डिलीट हुए.
- हरियाणा में 27 लाख 18 हजार 177 राशन कार्ड डिलीट हुए. हरियाणा में 2021 में कोई आंकड़ा दर्ज नहीं है, जबकि 2022 में 1 लाख 96 हजार 174 कार्ड हटे. 2023 में यह संख्या अचानक बढ़कर 8 लाख 49 हजार 972 हो गई. 2024 में 3 लाख 28 हजार 557 और 2025 में 13 लाख 43 हजार 474 राशन कार्ड डिलीट किए गए.
- पश्चिम बंगाल में 2021 में 2 लाख 93 हजार 326, 2022 में 6 लाख 47 हजार 3, 2023 में 7 लाख 56 हजार 860, 2024 में 5 लाख 9 हजार 952 और 2025 में 3 लाख 74 हजार 519 कार्ड हटाए गए.
बिहार, राजस्थान और महाराष्ट्र में कितने राशन कार्ड हटाए गए
बिहार में पांच साल के दौरान 24 लाख 62 हजार 321 राशन कार्ड हटाए गए. यहां 2021 में 15,678, 2022 में 1 लाख 61 हजार 809, 2023 में 4 लाख 49 हजार 525, 2024 में 16 लाख 86 हजार 266 और 2025 में 1 लाख 49 हजार 43 कार्ड डिलीट किए गए. इसकेअलावा राजस्थान में पांच साल में 11 लाख 36 हजार 329, महाराष्ट्र में 6 लाख 90 हजार 591, गुजरात में 5 लाख 87 हजार 23 और तमिलनाडु में 4 लाख 58 हजार 211 राशन कार्ड डिलीट हुए.
राशन मिलने में देरी या इनकार के कितने मामले सामने आए
लोकसभा में सरकार से यह भी पूछा गया था कि महाराष्ट्र में बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन फेल होने, सर्वर डाउन रहने या डिजिटल वेरिफिकेशन से जुड़ी तकनीकी गड़बड़ियों के कारण पात्र लाभार्थियों को राशन मिलने में देरी या इनकार के कितने मामले सामने आए. सरकार ने जवाब दिया कि विभाग के पास ऐसे किसी मामले की रिपोर्ट नहीं आई है. PDS में सिंगल फिंगर, फ्यूजन फिंगर, IRIS और आधार बेस्ड OTP जैसे कई ऑथेंटिकेशन विकल्प उपलब्ध कराए गए हैं. अगर परिवार के किसी एक सदस्य का ऑथेंटिकेशन फेल होता है तो उसी राशन कार्ड से जुड़े दूसरे पात्र सदस्य के जरिए भी राशन लिया जा सकता है. विशेष परिस्थितियों में नॉमिनी की सुविधा भी उपलब्ध है.
सरकार ने यह भी बताया कि ePoS मशीनें सीमित या बिना इंटरनेट कनेक्टिविटी के ऑफलाइन में काम कर सकती हैं और बाद में डेटा को ऑनलाइन PDS सिस्टम से मिलान किया जाता है. सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिया गया है कि बायोमेट्रिक या आधार ऑथेंटिकेशन फेल होने, नेटवर्क अथवा लिंकिंग की समस्या, तकनीकी कारणों या खराब बायोमेट्रिक्स की वजह से किसी वास्तविक लाभार्थी को उसके हिस्से के सब्सिडी वाले खाद्यान्न से वंचित नहीं किया जाना चाहिए.
इतनी बड़ी संख्या में राशन कार्ड हटाने के पीछे कौन सी वजहें
कुल मिलाकर, 2021 से 2025 के बीच देश में 2.25 करोड़ से ज्यादा राशन कार्डों का डिलीट होना खाद्य वितरण व्यवस्था में बड़े पैमाने पर हुए बदलाव को दिखाता है. खासतौर पर 2022 में 63.80 लाख से अधिक कार्ड हटाया जाना इस पूरी अवधि का सबसे बड़ा आंकड़ा रहा. एक पहलू यह भी है कि राशन कार्डों की सफाई और डिजिटल वेरिफिकेशन की प्रक्रिया बड़े पैमाने पर हुई है, जिसके चलते बड़ी संख्या में अपात्र कार्ड हटे होंगे.



