पंजाब में अगले साल विधानसभा चुनाव होंने है, जिसको लेकर राजनीतिक दल तैयारियों में जुटे हैं. इस बीच केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह आज को पंजाब दौरे पर पहुंचे. इस दौरान उन्होंने गुरदासपुर जिले के माड़ी पन्नवां गांव का दौरा किया. वहां उन्होंने चिट्टा कारोबारियों के खिलाफ आवाज उठाने पर अपनी जान गंवाने वाले विक्रमजीत सिंह के परिजनों से मुलाकात की और अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं.

जानकारी के मुताबिक अमित शाह ने बिक्रमजीत सिंह के परिवार से करीब 15 मिनट तक मुलाकात की.इस दौरान गृह मंत्री ने पीड़ित परिवार को सांत्वना दी और मामले की CBI जांच कराने का भरोसा दिलाया. उन्होंने परिवार के सदस्यों को आश्वासन दिया कि उनकी चिंताओं का समाधान किया जाएगा.
शाह से मुलाकात के बाद क्या बोला परिवार
वहीं मुलाकात के बाद बिक्रमजीत के परिवार ने बताया कि केंद्रीय गृह अमित शाह काफी समय रुक कर गए. परिवार के मुताबिक ‘मंत्री ने दिलासा दिया है कि इंसाफ दिलाएंगे. उन्होंने कहा है कि CBI को जांच सौंपी जाएगी. हमारी मांग यही थी कि हमें इंसाफ दिलाया जाए. मांग पत्र उन्होंने पढ़ा है, उसे वो लेकर गए हैं. बिक्रमजीत की मां से भी बात की. बाकी परिवार के अन्य लोगों से बात की. हमारी मांग थी कि कार्रवाई की जाए’. परिवार ने बताया किनौकरी और आर्थिक मदद की बात भी कही गई है. परिवार ने मुलाकात पर संतुष्टि जताई है.
‘नशा तस्करों को चुनचुनकर जेल भेजेगी सरकार’
इससे पहले अमित शाह ने साफ कहा था कि ड्रग्स के काले कारोबार के खिलाफ आवाज उठाने वालों को दबाने की कोशिशें कभी कामयाब नहीं होंगी. उन्होंने कहा भारत सरकार नशा तस्करों को चुनचुनकर जेल की सलाखों के पीछे भेजेगी. सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर करते हुए केंद्रीय मंत्री ने आम आदमी पार्टी पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा ‘आपदा सरकार ने पंजाब को नशे के गर्त में धकेलने में कोई कोरकसर नहीं छोड़ी है, जिसके कारण अनेक परिवारों को अपने बच्चों को खोना पड़ा है. AAP सरकार के संरक्षण में फलफूल रहे चिट्टा कारोबारियों के खिलाफ आवाज उठाने वाले जिन लोगों को हाल ही में अपना जीवन गंवाना पड़ा, मंगलवार को उनके परिजनों से मानसा, संगरूर व गुरदासपुर में मिलूंगा’.
आपदा सरकार ने पंजाब को नशे के गर्त में धकेलने में कोई कोरकसर नहीं छोड़ी है, जिसके कारण अनेक परिवारों को अपने बच्चों को खोना पड़ा है। AAP सरकार के संरक्षण में फलफूल रहे चिट्टा कारोबारियों के खिलाफ आवाज उठाने वाले जिन लोगों को हाल ही में अपना जीवन गँवाना पड़ा, मंगलवार को उनके परिजनों से मानसा, संगरूर व गुरदासपुर में मिलूँगा। इन परिवारों ने जो खोया है, उस दुःख को शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता। नशे के इस काले कारोबार के खिलाफ उठने वाली आवाजों को दबाने की कोशिश कभी सफल नहीं होगी और प्रदेशवासी इसका मुँहतोड़ जवाब देंगे।
भारत सरकार चिट्टा कारोबारियों को चुनचुनकर जेल की सलाखों के पीछे भेजेगी और पंजाब सहित पूरे देश को नशे के इस कारोबार से मुक्त बनाकर रहेगी।
— Amit Shah October 18, 2026
‘नशे के कारोबार से मुक्त बनाकर रहेंगे’
उन्होंने कहा कि इन परिवारों ने जो खोया है, उस दुःख को शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता. उन्होंने कहा कि नशे के इस काले कारोबार के खिलाफ उठने वाली आवाजों को दबाने की कोशिश कभी सफल नहीं होगी और प्रदेशवासी इसका मुंहतोड़ जवाब देंगे. उन्होंने कहा कि भारत सरकार चिट्टा कारोबारियों को चुनचुनकर जेल की सलाखों के पीछे भेजेगी और पंजाब सहित पूरे देश को नशे के इस कारोबार से मुक्त बनाकर रहेगी.
गृह मंत्री अपने इस एक दिवसीय दौरे के दौरान गुरदासपुर के अलावा मानसा और संगरूर जिलों में भी नशा विरोधी मामलों में जान गंवाने वाले अन्य पीड़ितों के परिवारों से मिलेंगे.



