Operation Sindoor: ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय जवानों ने पाकिस्तान को उसकी औकात याद दिला दी थी. भारतीय जवानों के मार के आगे पाकिस्तान घुटनों पर आ गया, जिसके बाद उसने सीजफायर की भीख मांगी, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अपने पराक्रम का परिचय देते हुए 6 जवान शहीद हो गए थे. पहली बार उन जवानों के नाम को सार्वजनिक किया गया है. जिन्हें वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया गया है.

इसमें राइफलमैन सुनील कुमार को मरणोपरांत वीर चक्र पुरस्कार मिला, जबकि, सार्जेंट सुरेंद्र कुमार को वायु पदक से सम्मानित किया गया है. शहीद हुए जवानों में सूबेदार मेजर पवन कुमार, राइफलमैन सुनील कुमार, लांस नायक दिनेश कुमार, अग्निवीर मूल मुरली नायक, हवलदार सुनील कुमार सिंह और सार्जेंट सुरेंद्र कुमार थे. जिन्होंने देश के लिए अपनी जान की बाजी लगा दी और लड़तेलड़ते शहीद हो गए.
कहां थी जवानों की तैनाती
इसमें सूबेदार मेजर पवन कुमार की तैनाती मुख्यालय 10 इन्फैंट्री ब्रिगेड में थी, राइफलमैन सुनील कुमार, 4 जम्मूकश्मीर लाइट इन्फैंट्री में तैनात थे, लांस नायक दिनेश कुमार, 5 फील्ड रेजिमेंट, अग्निवीर मूल मुरली नायक, 851 लाइट रेजिमेंट, हवलदार सुनील कुमार सिंह, 237 फील्ड वर्कशॉप, सार्जेंट सुरेंद्र कुमार, 39 विंग, भारतीय वायुसेना में अपनी सेवाएं दे रहे थे.
वेबसाइट पर जोड़ा गया नाम
सभी शहीदों के नाम और यूनिट का विवरण नेशनल वॉर मेमोरियल की वेबसाइट पर जोड़ा गया, प्रत्येक शहीद के नाम को नेशनल वॉर मेमोरियल में एक विशेष ईंट पर अंकित किया जाएगा. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राइफलमैन सुनील कुमार के परिजनों को मरणोपरांत वीर चक्र प्रदान किया. नेशनल वॉर मेमोरियल के त्याग चक्र में स्वतंत्रता के बाद सर्वोच्च बलिदान देने वाले सभी वीरों के नाम ईंटों पर अंकित हैं.
भारत ने मचाई थी तबाही
ऑपरेशन सिंदूर में भारत ने पाकिस्तान के घर में घुसकर तबाही मचाई थी. भारतीय जवानों के पराक्रम के आगे पाक के आकाओं के हौसले पस्त हो गए. जवानों ने कई आतंकी ठिकानों को भी मिट्टी में मिला दिया और कई आतंकियों को मार गिराया, आतंकियों पर हुए एक्शन के बाद पाकिस्तान के साथ संघर्ष छिड़ गया. जब भारतीय जवानों ने पाक की सेना को चारों तरफ से घेर लिया तो पाकिस्तान ने सीजफायर की भीख मांगी. जिसके बाद संघर्ष खत्म हुआ.



