
देहरादून। उत्तराखंड में पिछले पांच वर्षों से चली आ रही राजनीतिक स्थिरता ने राज्य को उन सुधारों को अमल में लाने का मौका दिया, जो वर्षों से फाइलों में अटके हुए थे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 4 जुलाई को अपने कार्यकाल के पांच साल पूरे होने पर राज्य की जनता को संबोधित करते हुए इन उपलब्धियों को गिनाया और इसका श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन तथा “डबल इंजन सरकार” की नीतियों को दिया।
धामी ने कहा कि जनता के प्यार, भरोसे और आशीर्वाद से उन्होंने राज्य के “मुख्य सेवक” के रूप में पांच वर्ष की सेवा पूरी की है। एक सरकारी बयान के अनुसार, उन्होंने यह सफर राज्य की सवा करोड़ जनता की उम्मीदों और समर्थन को समर्पित किया।
गौरतलब है कि धामी ने 4 जुलाई 2021 को पहली बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी और 2022 के विधानसभा चुनावों के बाद वे लगातार दूसरी बार इस पद पर आसीन हुए। पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी के बाद धामी राज्य के ऐसे पहले भाजपा मुख्यमंत्री बने हैं जिन्होंने लगातार पांच साल का कार्यकाल पूरा किया है।
बड़े और लंबित सुधारों को मिली मंजूरी
मुख्यमंत्री ने बताया कि इन पांच वर्षों में कई ऐसे ऐतिहासिक फैसले लिए गए जो लंबे समय से लंबित थे। इनमें समान नागरिक संहिता (यूसीसी) का लागू होना सबसे बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। इसके अलावा नकल विरोधी सख्त कानून, धर्मांतरण विरोधी कानून और भूमि कानून को और मजबूत बनाया गया। साथ ही मदरसा बोर्ड को समाप्त कर उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण की स्थापना की गई, जिसे राज्य में अपनी तरह की पहली पहल बताया जा रहा है।
धामी ने कहा कि इन फैसलों ने सुशासन, समानता और पारदर्शिता के क्षेत्र में उत्तराखंड को देश में अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित किया है।
रोजगार और महिला सशक्तिकरण पर जोर
मुख्यमंत्री के अनुसार, पूरी तरह पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के जरिए 34,000 से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं में नियुक्ति दी गई है। इसके साथ ही सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने का भी बड़ा कदम उठाया गया, जिससे महिला सशक्तिकरण को नई दिशा मिली।
सैनिकों, किसानों, युवाओं और महिलाओं के लिए कई जनकल्याणकारी योजनाएं भी इस अवधि में लागू की गईं।
पर्यटन, निवेश और आर्थिक विकास
राज्य में सौर ऊर्जा, होमस्टे और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रयास किए गए। “हाउस ऑफ हिमालयाज” पहल के जरिए स्थानीय उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली है। चारधाम यात्रा सहित धार्मिक एवं पर्यटन ढांचे को मजबूत करने का काम भी तेजी से हुआ, जिसके चलते राज्य में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राष्ट्रीय खेलों का सफल आयोजन, एक लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्तावों का धरातल पर उतरना और सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) में राज्य का उत्कृष्ट प्रदर्शन, ये सभी उपलब्धियां उत्तराखंड के लिए विकास के नए रास्ते खोलने वाली साबित हुई हैं।
“जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान का दूसरा चरण शुरू
इसी अवसर पर मुख्यमंत्री ने “सेवा, सुशासन एवं समर्पण – जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान के दूसरे चरण की शुरुआत की घोषणा की। इस पहल का उद्देश्य सरकार को सीधे जनता तक पहुंचाना, उनकी शिकायतों का समाधान करना और कल्याणकारी योजनाओं की अंतिम छोर तक डिलीवरी सुनिश्चित करना है।
इसी क्रम में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह और मुख्यमंत्री धामी ने ऋषिकेश स्थित आईडीपीएल ग्राउंड में आयोजित “सेवा सप्ताह” कार्यक्रम का भी उद्घाटन किया।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन के अंत में कहा कि जनता के निरंतर भरोसे, सहयोग और सक्रिय भागीदारी के साथ सरकार “विकसित उत्तराखंड – विकसित भारत” के संकल्प को पूरा करने की दिशा में पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करती रहेगी।


