झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले में हावड़ा-बरबिल जन शताब्दी एक्सप्रेस में एक महिला ने कथित तौर पर अपने डेढ़ महीने के बेटे को चलती ट्रेन से बाहर फेंक दिया, जिससे उसकी मौत हो गई. आरोप है कि उसने दूसरे बच्चे को भी फेंकने की कोशिश की, लेकिन यात्रियों ने उसे बचा लिया.

चलती ट्रेन से एक के बाद एक बच्चों को फेंकने लगी कलयुगी मां, दूसरे बच्चे को यात्रियों ने बचाया; महिला गिरफ्तार

झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले से एक ऐसी दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने इंसानियत को झकझोर कर रख दिया है. हावड़ा-बरबिल जन शताब्दी एक्सप्रेस में सफर कर रही एक महिला पर आरोप है कि उसने अपने ही डेढ़ महीने के मासूम बेटे को चलती ट्रेन से बाहर फेंक दिया, जिससे उसकी मौत हो गई. घटना के बाद ट्रेन में मौजूद यात्रियों के बीच चीख-पुकार मच गई और पूरे रेलवे डिब्बे में अफरा-तफरी का माहौल बन गया.

बताया जा रहा है कि महिला ने इसके बाद अपने दूसरे बच्चे को भी ट्रेन से बाहर फेंकने की कोशिश की, लेकिन यात्रियों ने समय रहते उसे पकड़ लिया और बड़ी अनहोनी टल गई. इस घटना के सामने आने के बाद लोग हैरान हैं कि आखिर एक मां अपने ही बच्चों के साथ इतना खौफनाक कदम कैसे उठा सकती है. पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है और महिला को गिरफ्तार कर लिया गया है.

चलती ट्रेन में आखिर क्या हुआ था?

यह सनसनीखेज घटना बुधवार रात राजखरसावां और महालीमरूप रेलवे स्टेशन के बीच हुई. पुलिस के मुताबिक, हावड़ा-बरबिल जन शताब्दी एक्सप्रेस में सफर कर रही महिला ने अपने डेढ़ महीने के बेटे को अचानक चलती ट्रेन से बाहर फेंक दिया. कुछ देर बाद रेलवे ट्रैक के पास बच्चे का शव बरामद हुआ.

घटना के बाद ट्रेन में मौजूद यात्रियों ने महिला की हरकतों पर शक जताया. तभी उसने अपने करीब तीन साल के दूसरे बच्चे को भी ट्रेन से नीचे फेंकने की कोशिश की. यात्रियों ने तुरंत हस्तक्षेप किया और बच्चे को बचा लिया. इसके बाद महिला और उसके पति को रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के हवाले कर दिया गया.

आरोपी महिला के बारे में

खरसावां थाना प्रभारी गौरव कुमार के मुताबिक, गिरफ्तार महिला की पहचान मुद्रावती गोप के रूप में हुई है, जो पश्चिम सिंहभूम जिले के मझगांव की रहने वाली है. पुलिस जांच में सामने आया कि महिला चार साल पहले पश्चिम बंगाल निवासी मोहम्मद शहाबुद्दीन के साथ घर से भाग गई थी. बाद में दोनों ने शादी कर ली और साथ रह रहे थे.

पुलिस अधिकारी के अनुसार, महिला मानसिक रूप से परेशान चल रही थी. बताया जा रहा है कि उसका पति उसे वापस उसके मायके भेजना चाहता था, जिसके बाद वह तनाव में थी. फिलहाल पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना के पीछे सिर्फ मानसिक तनाव था या कोई और वजह भी छिपी हुई है.

यात्रियों ने कैसे बचाई दूसरे बच्चे की जान?

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, महिला का व्यवहार ट्रेन में शुरुआत से ही असामान्य लग रहा था. जब उसने दूसरे बच्चे को भी बाहर फेंकने की कोशिश की, तो यात्रियों ने तुरंत उसे पकड़ लिया. अगर कुछ सेकंड की भी देरी हो जाती, तो दूसरी बड़ी त्रासदी हो सकती थी. यात्रियों ने आरोपी महिला को ट्रेन में ही काबू किया और रेलवे पुलिस को सूचना दी. इसके बाद रेलवे सुरक्षा बल ने उसे हिरासत में लेकर स्थानीय पुलिस के हवाले कर दिया.

क्या मानसिक तनाव बना इस घटना की वजह?

पुलिस अब महिला की मानसिक स्थिति की भी जांच कर रही है. शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि पारिवारिक विवाद और तनाव की वजह से वह परेशान थी. हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि मेडिकल जांच और पूछताछ के बाद ही पूरी सच्चाई सामने आ पाएगी. इस घटना ने एक बार फिर मानसिक स्वास्थ्य, पारिवारिक तनाव और बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. सोशल मीडिया पर भी लोग इस घटना को लेकर गुस्सा और दुख जाहिर कर रहे हैं.

रेलवे ट्रैक के पास मिला मासूम का शव

रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, घटना की सूचना मिलने के बाद सर्च ऑपरेशन चलाया गया. कुछ देर बाद रेलवे ट्रैक के किनारे मासूम बच्चे का शव बरामद किया गया. शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है. पुलिस ने महिला के खिलाफ हत्या समेत गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है. मामले की जांच जारी है और पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई कर रही है.