मंडी। हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में घास काटने को लेकर शुरू हुआ विवाद एक बुजुर्ग की मौत का कारण बन गया। मामला जिले के द्रंग विधानसभा क्षेत्र की टांडू पंचायत के चौहट्टा गांव में सामने आया है जहां, 75 वर्षीय बुजुर्ग की संदिग्ध परिस्थितियों में जान चली गई। परिजनों ने आरोप लगाया है कि बहन और भतीजे ने पत्थर मारकर उनकी जान ले ली।

जमीन और घास काटने को लेकर हुआ था विवाद
जानकारी के अनुसार, चौहट्टा गांव के रहने वाले शेर सिंह पुत्र भगत राम का अपनी बहन और सगे भतीजे के साथ जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। बताया जा रहा है कि संपत्ति से जुड़े इस विवाद के कारण परिवार के सदस्यों के बीच अक्सर कहासुनी होती रहती थी। आरोप है कि विवाद के दौरान गाली-गलौज की स्थिति भी बन जाती थी। रविवार को भी जमीन और घास काटने को लेकर परिवार के सदस्यों के बीच बहस होने की बात सामने आई है।
इसी घटनाक्रम के बाद शेर सिंह घर में अचेत अवस्था में मिले। शेर सिंह लोक निर्माण विभाग से सेवानिवृत्त कर्मचारी थे। जब परिजनों ने उन्हें देखा, तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। इसके बाद परिवार ने आरोप लगाया कि विवाद के दौरान शेर सिंह पर पत्थर फेंके गए, जिससे उनकी जान चली गई। हालांकि, परिजनों की ओर से लगाए गए इन आरोपों की अभी पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
बहन, भतीजे और बहू पर परिजनों ने उठाए सवाल
मृतक के परिवार ने इस घटना के लिए उनकी बहन, भतीजे और बहू को जिम्मेदार ठहराया है। परिजनों का आरोप है कि जमीन को लेकर चल रहा पुराना विवाद ही घटना की वजह बना। उनके अनुसार, घास काटने को लेकर हुई बहसबाजी के दौरान मामला बढ़ गया था। मृतक के परिवार ने उनकी बहन, भतीजे और बहू पर पत्थर मारकर जान लेने के आरोप लगाए हैं।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि बुजुर्ग की मौत किसी हमले के कारण हुई या इसके पीछे कोई अन्य वजह थी। घटना से जुड़े आरोपों की सच्चाई का पता पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर ही चल सकेगा। जांच पूरी होने से पहले किसी भी व्यक्ति की भूमिका को दोष सिद्ध मानना उचित नहीं होगा।
घटनास्थल पर पहुंची पुलिस
मामले की सूचना मिलने के बाद डीएसपी पद्धर लोकेंद्र नेगी पुलिस टीम के साथ चौहट्टा गांव पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और मृतक के शरीर की भी जांच की। शुरुआती निरीक्षण के दौरान शरीर पर चोट के स्पष्ट निशान नजर नहीं आने की बात कही गई है।
पुलिस ने मौत के कारणों का पता लगाने के लिए शव को क्षेत्रीय अस्पताल मंडी भेज दिया, जहां पोस्टमार्टम के जरिए आवश्यक चिकित्सकीय जांच की जानी है। पुलिस हृदयाघात की आशंका से भी इनकार नहीं कर रही है। हालांकि, अभी किसी एक कारण को अंतिम रूप से जिम्मेदार नहीं ठहराया गया है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा मौत का राज
इस मामले में सबसे अहम सवाल यही है कि शेर सिंह की मौत किन परिस्थितियों में हुई। एक ओर परिवार ने पत्थर मारने का आरोप लगाया है, जबकि दूसरी ओर पुलिस के शुरुआती निरीक्षण में शरीर पर चोट के स्पष्ट निशान नहीं मिले हैं। ऐसे में पोस्टमार्टम रिपोर्ट जांच की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
पुलिस जमीन विवाद, रविवार को हुई कहासुनी और बुजुर्ग की मौत के बीच संबंध सहित सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है। फिलहाल मौत का वास्तविक कारण स्पष्ट नहीं है।


