1 मई से लागू हो होंगे कौनकौन से नियम?
1 मई 2026 से भारत में आम लोगों की रोजमर्रा की फाइनेंशियल लाइफ पर बड़ा असर डालने वाले कई अहम बदलाव लागू हो रहे हैं. ये बदलाव बैंकिंग, डिजिटल पेमेंट, टैक्स, म्यूचुअल फंड और शेयर बाजार से जुड़े हैं. इनका मकसद सिस्टम को ज्यादा सुरक्षित, पारदर्शी और रेगुलेटेड बनाना है. आइए जानते हैं 1 मई से कौनकौन से 7 नियम लागू होंगे और इनका आपकी जेब पर कितना असर पड़ेगा?

1 मई से बदलने जा रहे रसोई गैस समेंत ये नियम! जान लें वरना होगी दिक्कत
1 मई से बदलने जा रहे रसोई गैस समेंत ये नियम! जान लें वरना होगी दिक्कत

1. बैंकिंग ट्रांजैक्शन में बड़ा बदलाव
1 मई से हर डिजिटल ट्रांजैक्शन पहले से ज्यादा सुरक्षित होगा. 2फैक्टर ऑथेंटिकेशन को और सख्ती से लागू किया जा रहा है. इसका मतलब है कि UPI, नेट बैंकिंग या कार्ड पेमेंट करते समय OTP, PIN या बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन बारबार करना पड़ सकता है. कार्डलेस कैश विदड्रॉल अब फ्री ट्रांजैक्शन लिमिट में गिना जाएगा. लिमिट पार होने पर ₹17 से ₹21 तक चार्ज देना पड़ सकता है.

2. PAN से जुड़े नियम
सरकार अब हाईवैल्यू ट्रांजैक्शन पर नजर और सख्त कर रही है. अगर कोई व्यक्ति एक फाइनेंशियल ईयर में 10 लाख से ज्यादा कैश डिपॉजिट या विड्रॉल करता है, तो PAN देना अनिवार्य होगा. पहले यह लिमिट डेवी बेसिस पर देखी जाती थी, लेकिन अब सालाना आधार पर ट्रैकिंग होगी.

3. म्यूचुअल फंड में बड़ा बदलाव
म्यूचुअल फंड सेक्टर में भी 1 मई से बदलाव किए जा रहे हैं. सॉल्यूशनओरिएंटेड स्कीम्स को धीरेधीरे खत्म करके लाइफसाइकिल फंड्स लाए जा रहे हैं. ये फंड निवेशक की उम्र के हिसाब से अपने पोर्टफोलियो को बदलते रहेंगे. इक्विटी म्यूचुअल फंड अब 35% तक गोल्ड और सिल्वर ETF में निवेश कर सकेंगे, जिससे बाजार की गिरावट में सुरक्षा मिल सकती है.

4.टैक्स और निवेश के नियमों में बदलाव
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड से जुड़े टैक्स नियमों में बदलाव किया गया है. अब टैक्सफ्री मैच्योरिटी का फायदा सिर्फ निवेशकों को मिलेगा, जिन्होंने इसे सीधे खरीदा है. सेकेंडरी मार्केट से खरीदने वालों को कैपिटल गेन टैक्स देना होगा.

5. शेयर बाजार में ट्रेडिंग महंगी
1 मई से डेरिवेटिव ट्रेडिंग करने वालों के लिए लागत बढ़ने वाली है. सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स में इजाफा किया गया है. ऑप्शंस पर 0.15% और फ्यूचर्स पर 0.05% टैक्स लगेगा. इससे एक्टिव ट्रेडर्स की लागत बढ़ेगी और छोटे निवेशकों पर भी असर पड़ सकता है.

6. बुकिंग और डिलीवरी के नए नियम

लॉकइन पीरियड: वर्तमान में दो सिलिंडर की बुकिंग के बीच 25 दिनों का अनिवार्य अंतराल होता है। चर्चा है कि कंपनियां इस अवधि के नियमों में बदलाव कर सकती हैं।

OTP आधारित डिलीवरी: सुरक्षा और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए ‘डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड’ आधारित सिस्टम को अब स्थायी रूप से अनिवार्य बनाया जा सकता है। वर्तमान में 94% डिलीवरी इसी माध्यम से हो रही है।
सप्लाई और प्राथमिकता का नया ढांचा
सरकार ने स्पष्ट किया है कि भूराजनीतिक तनाव के बावजूद घरेलू LPG, PNG और CNG की 100% सप्लाई सुनिश्चित की जा रही है। हालांकि, कमर्शियल सेक्टर के लिए सरकार ने एक वरीयता सूची तैयार की है:

7. ऑनलाइन गेमिंग के नियम होंगे लागू
केंद्र सरकार ने देश में ऑनलाइन गेमिंग को रेगुलेट करने के लिए ऑनलाइन गेमिंग अथॉरिटी ऑफ इंडिया के गठन का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है. ऑनलाइन गेमिंग रेगुलेशन एक्ट2025 के तहत 1 मई से पूरे देश में नए नियम लागू हो जाएंगे. नए नियमों के तहत गेमिंग कंपनियों को बड़ी राहत देते हुए सर्टिफिकेट की वैलिडिटी को दोगुना कर दिया है. सबसे बड़ा बदलाव ऑनलाइन गेम्स के सर्टिफिकेशन को लेकर किया गया है. अब किसी भी गेम को मिलने वाले सर्टिफिकेट की वैलिडिटी 5 साल के बजाय 10 साल होगी.