ग्लोबल मार्केट्स में मंदी के रुख और अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों के दृष्टिकोण को लेकर बनी अनिश्चितता के बीच राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों पर दबाव दर्ज किया गया है. सोमवार, 7 सितंबर 2026 को दिल्ली में सोने का भाव 650 रुपए गिरकर ₹1,60,250 प्रति 10 ग्राम पर आ गया.

अमेरिका में उम्मीद से मजबूत आए जॉब्स डेटा और मजबूत होते अमेरिकी डॉलर के चलते अंतरराष्ट्रीय हाजिर बाजार में सोना करीब 1 फीसदी फिसल गया. वहीं दूसरी ओर, इंडस्ट्रीयल डिमांड और सीमित सप्लाई के चलते दिल्ली में चांदी 2,40,500 रुपए प्रति किलोग्राम पर स्थिर रही. सर्राफा बाजार के विश्लेषकों के अनुसार, अमेरिकी महंगाई के आगामी आंकड़ों से पहले ग्लोबल इंवेस्टर्स द्वारा मुनाफावसूली किए जाने से कमोडिटी मार्केट में यह सुस्ती देखने को मिल रही है.
कितना सस्ता हुआ गोल्ड?
सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी में सोने की कीमतों में सुस्ती रही और भाव 650 रुपए गिरकर 1,60,250 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गए. इसकी वजह ग्लोबल मार्केट में गिरावट का घरेलू बाजार पर असर पड़ना था. शुक्रवार को 99.9 फीसदी प्योरिटी वाले सोने का भाव 1,60,900 रुपए प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था. हालांकि, स्थानीय व्यापारियों के अनुसार, चांदी की कीमत लगातार दूसरे सेशन में 2,40,500 रुपए प्रति किलोग्राम पर स्थिर रही.
ब्रोकरेज प्लेटफॉर्म Lemonn के रिसर्च हेड गौरव गर्ग ने कहा कि अमेरिका में उम्मीद से बेहतर जॉब डेटा आने के बाद सितंबर में फेड द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की संभावना बढ़ गई, जिससे सोने की कीमतों पर दबाव बना रहा. अब बाजार इस हफ्ते आने वाले प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स और कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स डेटा का इंतजार कर रहा है ताकि पॉलिसी के बारे में और संकेत मिल सकें.
विदेशी बाजारों में आई गिरावट
अब ध्यान अमेरिका में इस हफ्ते आने वाले महंगाई के अहम आंकड़ों पर है, जिनसे फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों की चाल और बुलियन मार्केट पर इसके असर के बारे में नए संकेत मिल सकते हैं. इंटरनेशनल मार्केट में, स्पॉट गोल्ड 35.03 डॉलर यानी लगभग 1 प्रतिशत गिरकर 4,395.30 डॉलर प्रति औंस हो गया, जबकि चांदी 1 प्रतिशत गिरकर 65.64 डॉलर प्रति औंस पर आ गई. HDFC सिक्योरिटीज में कमोडिटीज के सीनियर एनालिस्ट सौमिल गांधी ने कहा, “विदेशी बाजारों से मिले कमजोर संकेतों के कारण सोमवार को सोने की कीमतों में गिरावट आई और स्पॉट कीमतें 4,400 डॉलर के स्तर के आसपास बनी रहीं.



