शेयर बाजार में निवेश को लेकर लोगों का उत्साह लगातार बढ़ता जा रहा है. सेंसेक्स व निफ्टी में गिरावट के बावजूद रिटेल निवेशक बाजार में जमकर पैसा लगा रहे हैं. बाजार में पैसा बनाने की इस होड़ में हर कोई शामिल होना चाहता है. ताजा आंकड़ों के मुताबिक, अगस्त महीने में नए डीमैट अकाउंट खुलने की संख्या सात महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है. जनवरी 2026 से मई 2026 तक चले धीमे दौर के बाद अब लगातार तीसरे महीने डीमैट खातों की संख्या में भारी उछाल देखने को मिला है. ये सब शेयर बाजार में लगातार आ रहे नए आईपीओ की बदौलत संभव हो पाया है.

अगस्त में बने नए रिकॉर्ड

नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड व सेंट्रल डिपॉजिटरी सर्विसेज लिमिटेड के आंकड़ों के अनुसार, अगस्त में लगभग 32.7 लाख नए डीमैट खाते खोले गए. ये जनवरी 2026 के बाद एक महीने में सबसे बड़ा इजाफा है. इस बंपर बढ़ोतरी के साथ ही महीने के अंत तक कुल डीमैट खातों का आंकड़ा 23.77 करोड़ तक पहुंच गया. हालांकि, ध्यान देने वाली बात ये है कि एक व्यक्ति के पास कई डीमैट खाते हो सकते हैं. ऐसे में अगर सिर्फ यूनिक निवेशकों की बात करें तो ये संख्या करीब 13.5 करोड़ आंकी गई है.

आईपीओ बाजार में जबरदस्त हलचल

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, प्राइमरी मार्केट में आई तेजी नए खातों के खुलने का सबसे बड़ा कारण है. आईआईएफएल कैपिटल सर्विसेज के सीनियर वीपी श्रीराम वेलायुधन का कहना है कि आईपीओ बाजार में उत्साह नए डीमैट खातों में तेज उछाल की एक अहम वजह है. इसके साथ ही मजबूत स्मॉलकैप व मिडकैप शेयरों ने भी आईपीओ से होने वाली कमाई की उम्मीदों को काफी बढ़ा दिया है. अगस्त 2026 आईपीओ व ऑफरफॉरसेल के लिहाज से साल का सबसे व्यस्त महीना रहा. इस दौरान 23 आईपीओ के जरिए 22,448 करोड़ रुपये जुटाए गए, जबकि दो OFS ट्रांजैक्शन से 31,660 करोड़ रुपये की भारीभरकम रकम जुटाई गई.

छोटे शेयरों ने किया कमाल

एक तरफ जहां बड़े शेयरों में सुस्ती देखी गई, वहीं छोटे शेयरों ने निवेशकों की झोली भर दी. अगस्त के महीने में बेंचमार्क इंडेक्स कमजोर रहे. सेंसेक्स में 1.5 फीसदी व निफ्टी में 1.2 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई. लेकिन जिन सेगमेंट्स में रिटेल निवेशकों की हिस्सेदारी ज्यादा होती है, वहां जबरदस्त तेजी रही. इस दौरान बीएसई मिडकैप 150 इंडेक्स में 1.6 फीसदी की बढ़त हुई. इसी तरह बीएसई स्मॉलकैप 250 में 2.4 फीसदी व बीएसई माइक्रोकैप 250 में 6.2 फीसदी का जोरदार उछाल आया. ये आंकड़े बताते हैं कि निवेशकों का भरोसा बाजार पर पूरी तरह कायम है.

बंपर निवेश की उम्मीद

बाजार जानकारों का मानना है कि आने वाले महीनों में डीमैट खाते खुलने की ये रफ्तार और भी तेज हो सकती है. निवेशकों की नजरें अब देश की कुछ सबसे बड़ी कंपनियों के आईपीओ पर टिकी हैं. रिलायंस जियो व नेशनल स्टॉक एक्सचेंज जैसी दिग्गज कंपनियां जल्द ही अपना आईपीओ लाने की तैयारी में हैं. इन बड़े इश्यू के बाजार में आने से रिटेल निवेशकों की भागीदारी में एक बार फिर से भारी उछाल देखने को मिल सकता है.