खाने की चीजों में मिलावट आज बेहद आम बात हो गई है और इसी वजह से हमारी सेहत को बहुत नुकसान पहुंच रहा है. देसी घी को आयुर्वेद में सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है तो वहीं मॉर्डन साइंस में भी इसका सेवन सीमित मात्रा में अच्छा माना जाता है, क्योंकि देसी घी में विटामिन ए, डी और ई होता है. ये एक सॉल्युबल फैट है, इसलिए सही तरीके से खाया जाए तो वजन नहीं बढ़ता है. भारतीय थाली में देसी घी एक बेहद जरूरी फैट माना जाता है और बच्चों से लेकर बड़े तक इसे खाते हैं. बाजार से खरीदा गया मिलावटी देसी घी आपकी सेहत को फायदे की बजाय नुकसान कर सकता है. गांवों में जिस तरह से ट्रेडिशनली देसी घी बनाते हैं, ठीक उसी तरह आप भी इसे घर पर बना सकते हैं.

बाजार में मिलने वाले ज्यादातर देसी घी में पाम ऑयल से लेकर स्टार्च तक की मिलावट होती है. इसे पहचानने के कई तरीके हैं, लेकिन पूरी तरह से शुद्धता की गारंटी नहीं ली जा सकती है. ऐसे में सबसे बेहतर तरीका होता है कि आप देसी घी घर पर ही बनाकर तैयार कर लें. तो चलिए जान लेते हैं कि आप कैसे बनाएं ट्रेडिशनली प्योर देसी घी.
क्या है पारंपरिक तरीका?
अगर हम गांवों में बनने वाले शुद्ध देसी घी की बात करें तो दही को मथने के बाद इससे मक्खन बनाया जाता है और फिर उससे देसी घी बनता है. दरअसल गांवों में ज्यादातर घरों में गाय या भैंस पाली जाती हैं. ऐसे में उनके यहां दूध काफी ज्यादा मात्रा में होता है. यही वजह है कि वो दही को मथकर मक्खन और देसी घी बनाते हैं, लेकिन अगर आप शहर में रहते हैं तो बेस्ट तरीका होता है कि दूध की मलाई से देसी घी बनाएं. इसके लिए आप दूध की मलाई निकालकर फ्रिज में स्टोर करते जाएं. जब लगे कि ये काफी हो चुकी है तो देसी घी बनाएं. अब जान लें सही तरीका.
पहले बनाएं मक्खन
दही या फिर इकट्ठा की कई मलाई को एक गहरे बर्तन में डालें और फिर लकड़ी की रई से इसे मथना शुरू करें. अगर आपके पास रई नहीं है तो आप हैंड ब्लेंडर का यूज कर सकते हैं. इससे काफी जल्दी मक्खन बन जाता है. रई से आपको तब तक मलाई या दही को मथना है जब तक कि पूरी तरह से चिकनाई अलग न होने लगे. यही आपका तैयार मक्खन है.
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मक्खन को निकालने का तरीका?
जब मक्खन बनकर तैयार हो जाता है तो ये खुद व खुद इकट्ठा होने लगता है. गर्मी के दिनों में ये पिघल जाता है, इसलिए इसमें थोड़ा सा बर्फ एड करें और फिर हाथों से या रई से घुमा दें. इसके बाद मक्खन के गोले बनाकर किसी बर्तन में निकालकर रखते जाएं. दही से अगर मक्खन निकाला है तो बचे हुए छाछ को रख दें. इसे आप पी सकते हैं या फिर कुकिंग में यूज कर सकते हैं.
ऐसे निकालें देसी घी
अब आपको एक मोटी तली की कड़ाही में सारा मक्खन डाल देना है और फिर इसे बिल्कुल हल्की आंच पर धीमेधीमे पकने दें. बीचबीच में इसे चलाते रहना है ताकि ये जले नहीं. आप देखेंगे कि मक्खन से कुछ ही देर में घी अलग होने लगेगा. जब पूरी तरह से घी निकल आए तो गैस ऑफ करके इसे कुछ देर हल्का ठंडा होने दें और फिर महीन छलनी या फिर साफ सूती कपड़े से छानकर एयरटाइट कंटेनर में स्टोर कर लें. ये देसी घी शुद्ध भी है और कई महीनों तक खराब भी नहीं होता है. बस आपको ध्यान रखना है कि अगर घर पर भी घी बना रहे हैं तो पैकेट वाले दूध की बजाय गाय या फिर भैंस का दूध इस्तेमाल करना ज्यादा बेहतर रहता है.



