आगरा: उत्तर प्रदेश के आगरा जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. जहां पुलिस ने जलती चिता से एक विवाहिता का शव बाहर निकलवाया. आरोप है कि बिना पोस्टमार्टम के शव का दाह संस्कार कर साक्ष्य मिटाने की कोशिश की जा रही थी. मृतका के पिता ने हत्या की आशंका जताते हुए पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद आगरा पुलिस ने ये कार्रवाई की. पुलिस ने मृतका के पति को हिरासत में ले लिया है, जबकि अन्य ससुरालीजन मौके से फरार हो गए हैं.
घटना बुधवार दोपहर करीब तीन बजे की है. ये खबर आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे हैं। किरावली क्षेत्र के रहने वाले निजाम ने फतेहपुर सीकरी थाने में सूचना दी कि उनकी 21 साल की बेटी सना उर्फ मोहिनी की ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है. आरोप है कि ससुराल पक्ष ने उन्हें जानकारी दिए बिना जाजऊ श्मशान घाट में शव का अंतिम संस्कार शुरू कर दिया.

सना से नाम बदलकर मोहिनी रखा
निजाम ने बताया कि करीब छह साल पहले अजीत नामक युवक उनकी नाबालिग बेटी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था. उस समय सना की उम्र महज 15 साल थी. अजीत ने उसका नाम बदलकर मोहिनी रख दिया और उससे प्रेम विवाह कर लिया. शादी के बाद सना ने एक बच्ची को जन्म दिया. पिता का आरोप है कि शादी के बाद से ही सना का उत्पीड़न किया जाता था.
अंतिम संस्कार कर सबूत मिटाने का आरोप
निजाम के अनुसार, उन्हें गांव के कुछ लोगों से जानकारी मिली कि उनकी बेटी की मौत हो गई है और ससुराल पक्ष आनन-फानन में अंतिम संस्कार कर साक्ष्य नष्ट करने की कोशिश कर रहा है। इस पर उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी.