भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से Paytm Payments Bank का लाइसेंस रद्द किए जाने के बाद लाखों ग्राहकों के सामने बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि उनकी EMI, SIP और OTT सब्सक्रिप्शन का क्या होगा? जिन यूजर्स ने अपने ऑटोडेबिट पेमेंट इस बैंक खाते से लिंक किए थे, उन्हें तुरंत कार्रवाई करनी होगी. हालांकि, राहत की बात यह है कि बैंक में जमा ग्राहकों का पैसा पूरी तरह सुरक्षित है और इसे वापस पाने की प्रक्रिया भी तय है.

Paytm Payments Bank का लाइसेंस रद्द, आपकी EMI, SIP और OTT सब्सक्रिप्शन पर क्या होगा असर?
Paytm Payments Bank का लाइसेंस रद्द, आपकी EMI, SIP और OTT सब्सक्रिप्शन पर क्या होगा असर?

Reserve Bank of India के हालिया फैसले के तहत Paytm Payments Bank का लाइसेंस रद्द कर दिया गया है, जिससे डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम में हलचल मच गई है. सबसे पहले बात EMI की करें, तो अगर आपका लोन भुगतान Paytm Payments Bank के जरिए ऑटोडिडक्ट होता था, अब वह समय पर नहीं कटेगा. इससे लेट फीस लग सकती है और आपका क्रेडिट स्कोर भी प्रभावित हो सकता है. इसलिए जरूरी है कि आप तुरंत अपने लोन प्रदाता के साथ नया बैंक खाता अपडेट करें.

इसी तरह म्यूचुअल फंड निवेशकों के लिए SIP भी प्रभावित हो सकती है. यदि आपकी SIP इसी बैंक खाते से लिंक है, तो किस्त कटने में दिक्कत आएगी, जिससे आपकी निवेश योजना बाधित हो सकती है. निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे अपने एसेट मैनेजमेंट कंपनी या प्लेटफॉर्म पर जाकर नया बैंक मैंडेट अपडेट करें.

ऑटोडेबिट सर्विसेज पर असर

OTT और अन्य डिजिटल सब्सक्रिप्शन सेवाएं जैसे Netflix, Spotify या Amazon Prime भी ऑटोडेबिट फेल होने के कारण बंद हो सकती हैं. इससे आपकी सेवाएं बीच में रुक सकती हैं, जब तक कि आप नया पेमेंट मोड नहीं जोड़ते. इस पूरे मामले में एक राहत की बात यह है कि ग्राहकों का पैसा पूरी तरह सुरक्षित है. RBI के अनुसार, बैंक की ‘वाइंडिंगअप’ प्रक्रिया के तहत एक लिक्विडेटर नियुक्त किया जाएगा, जो सभी खातों का सत्यापन करेगा और फिर ग्राहकों के पैसे को उनके द्वारा दिए गए वैकल्पिक बैंक खातों में ट्रांसफर करेगा.

इसके अलावा, Paytm ने साफ किया है कि उसका मुख्य ऐप और UPI सेवाएं जारी रहेंगी, क्योंकि वे अन्य बैंकों जैसे SBI, HDFC, Axis और YES Bank के साथ साझेदारी में संचालित होती हैं. यानी यूजर्स सामान्य रूप से UPI ट्रांजैक्शन करते रहेंगे. विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटना ग्राहकों के लिए एक सबक भी है कि वे अपनी बैंकिंग और ऑटोपे सेवाओं को एक ही बैंक पर निर्भर न रखें. समय रहते सही कदम उठाकर आप किसी भी वित्तीय बाधा से बच सकते हैं.