उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में सात साल पहले हुए बहुचर्चित शेखर हत्याकांड मामले में कोर्ट ने फैसला सुनाया है. कोर्ट ने आरोपी मां और उसके तीन बेटों को फांसी की सजा सुनाई है. कोर्ट ने आरोपियों पर 5050 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है. फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने कहा कि आरोपियों पर लगाया जुर्माना वसूल कर पीड़ित की मां को दिया जाएगा. 70 हजार रुपए के लेनदेन में हत्याकांड को अंजाम दिया गया था.

मुजफ्फरनगर जिले में 7 साल पहले महज 70 हजार रुपये के लेनदेन के विवाद में एक मां और उसके तीन पुत्रों ने एक युवक की हत्या कर दी थी. इस बहुचर्चित शेखर हत्याकांड में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने मंगलवार को बड़ा फैसला सुनाते हुए चारों आरोपियों को फांसी की सजा सुनाई है. फैसला सुनाते हुए अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर ने आरोपी महिला मुकेश और उसके बेटे प्रदीप, संदीप और सोनू को दोषी करार दिया. अदालत ने प्रत्येक आरोपी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है. न्यायालय ने आदेश दिया कि जुर्माने की संपूर्ण राशि शिकायतकर्ता और मृतक की मां राजबाला को दी जाए.
70 हजार रुपये के लेनदेन में हुई थी हत्या
सरकारी अधिवक्ता कुलदीप कुमार के अनुसार, यह घटना 17 सितंबर 2019 की है. भोरा कलां थाना क्षेत्र के गांव खेड़ी सुदीयान में रहने वाला शेखर अपने 70 हजार रुपये उधार की रकम वापस लेने के लिए आरोपियों के घर गया था. वहीं पर कहासुनी हो गई, जिसके बाद आरोपी मुकेश और उसके तीनों बेटों ने शेखर पर ईंटों और डंडों से हमला कर दिया. गंभीर चोट लगने के कारण शेखर की मौके पर ही मौत हो गई थी.
आरोपियों को सात साल बाद फांसी की सजा
घटना के बाद मृतक की मां राजबाला की तहरीर पर पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की. विवेचना के दौरान पुलिस ने पर्याप्त साक्ष्य जुटाकर आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया. अभियोजन पक्ष की दलीलों और साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने सभी आरोपियों को दोषी मानते हुए मृत्युदंड की सजा मुकर्रर की है.



