आगरा में खुद को भाजपा का मीडिया प्रभारी बताने वाला महिपाल चौधरी इस समय विवादों के केंद्र में है. सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में वह होटल के कमरे में कुर्सी पर बैठा नजर आ रहा है, जबकि उसके सामने दो महिलाएं डांस करती दिख रही हैं. कमरे में शराब की बोतल और गिलास भी दिखाई दे रहे हैं. ये खबर आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे हैं। हालांकि स्टेट मिरर हिंदी इसकी पुष्टि नहीं करता है.

उत्तर प्रदेश के आगरा की एक कहानी इन दिनों सोशल मीडिया से लेकर सियासी गलियारों तक सुर्खियां बटोर रही है. एक ऐसा नाम, जो खुद को सत्ता के करीब बताता था, अब विवादों के घेरे में है. नाम है महिपाल चौधरी जो कि होटल के कमरे में चल रही एक ‘प्राइवेट पार्टी’ का वीडियो जैसे ही सामने आया, पूरा मामला पलट गया और सवालों की बौछार शुरू हो गई.
कहानी सिर्फ एक वायरल वीडियो की नहीं है, बल्कि उस दावे की भी है जिसमें एक व्यक्ति खुद को भाजपा का नेता और मीडिया प्रभारी बताकर शहर में रौब झाड़ता रहा. लेकिन अब उसी व्यक्ति की पहचान, गतिविधियां और उसके ‘नेटवर्क’ पर पुलिस और राजनीति दोनों की नजर है.
कौन है भाजपा नेता महिपाल चौधरी?
आगरा में खुद को भाजपा का मीडिया प्रभारी बताने वाला महिपाल चौधरी इस समय विवादों के केंद्र में है. सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में वह होटल के कमरे में कुर्सी पर बैठा नजर आ रहा है, जबकि उसके सामने दो महिलाएं डांस करती दिख रही हैं. कमरे में शराब की बोतल और गिलास भी दिखाई दे रहे हैं. इसके साथ आगे बताया जा रहा है कि यह वीडियो कब का है इस बात की पुष्टि नहीं हुई है और न ही स्टेट मिरर हिंदी इस पर किसी दावे की पुष्टि करता है.
होटल में क्या हुआ था उस रात?
पूरा मामला 6 अप्रैल का बताया जा रहा है, जब महिपाल चौधरी काली स्कॉर्पियो से आगरा के जगदीशपुरा इलाके में स्थित होटल ‘स्मार्ट व्यू इन’ पहुंचा. उसके साथ दो महिलाएं और कुछ अन्य लोग भी थे. होटल संचालक अनिल कुमार के मुताबिक, महिपाल ने आते ही खुद को अफसर बताया और स्टाफ को डराना-धमकाना शुरू कर दिया. उसने होटल के रजिस्टर और आईडी चेक करने के नाम पर कमरों की तलाशी भी ली.
क्या वसूली के लिए बनाई गई थी पूरी प्लानिंग?
होटल संचालक का आरोप है कि जांच के नाम पर दबाव बनाने के बाद महिपाल ने 2 लाख रुपये की रंगदारी मांगी. उसने धमकी दी कि अगर पैसे नहीं दिए गए, तो होटल के खिलाफ कार्रवाई करवाई जाएगी और मीडिया में बदनाम किया जाएगा. घटना के दौरान होटल मालिक ने पुलिस को सूचना दी, लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले ही महिपाल और उसके साथी मौके से फरार हो गए. इसके बाद 10 अप्रैल को इस मामले में एफआईआर दर्ज की गई.
वायरल वीडियो कैसे आया सामने?
सोमवार को सामने आए वीडियो ने इस पूरे मामले को और तूल दे दिया. पुलिस के अनुसार, यह वीडियो पार्टी में मौजूद किसी व्यक्ति या होटल स्टाफ के किसी सदस्य द्वारा रिकॉर्ड किया गया हो सकता है. महिपाल की गिरफ्तारी के बाद इस वीडियो को सोशल मीडिया पर अपलोड किया गया, जिसके बाद यह तेजी से वायरल हो गया और लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया.
क्या सच में भाजपा से जुड़ा है महिपाल?
महिपाल चौधरी खुद को भाजपा का मीडिया प्रभारी बताता रहा है. उसके सोशल मीडिया अकाउंट पर कई भाजपा नेताओं के साथ तस्वीरें भी मौजूद हैं. इतना ही नहीं, वह हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जनसभा में मीडिया कर्मी बनकर भी पहुंचा था. लेकिन आगरा भाजपा के महानगर अध्यक्ष राजकुमार गुप्ता ने साफ कहा, “महिपाल चौधरी हमारी पार्टी का सदस्य नहीं है.” उन्होंने यह भी कहा कि अगर किसी ने गलत तरीके से पार्टी का नाम इस्तेमाल किया है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
पहले से भी दर्ज हैं कई गंभीर आरोप?
पुलिस जांच में सामने आया है कि महिपाल चौधरी अवैध निर्माण और नई बिल्डिंग्स पर नजर रखता था. इसके बाद वह वहां पहुंचकर लोगों को डराता और पैसे वसूलता था. उसके खिलाफ हाथरस में भी एक डॉक्टर से 10 लाख रुपये की रंगदारी मांगने का मामला दर्ज है. इसी केस में 9 अप्रैल को हाथरस पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था. आगरा पुलिस अब महिपाल चौधरी को बी-वारंट पर लाने की तैयारी कर रही है, ताकि उससे इस पूरे मामले में पूछताछ की जा सके. पुलिस का कहना है कि महिपाल के खिलाफ अन्य जिलों में भी रंगदारी, ब्लैकमेलिंग और जमीन कब्जाने जैसे मामलों की जांच की जा रही है. उसके नेटवर्क और गतिविधियों का भी पता लगाया जा रहा है.