हिमाचली खबर: Main Entrance Vastu: घर का मुख्य दरवाजा ऊर्जा का प्रवेश द्वार होता है। सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बनाए रखने के लिए इसके आसपास का वातावरण साफ, खुला और संतुलित होना चाहिए। अगर मेन गेट के सामने कुछ वास्तु दोष मौजूद हों, तो इससे घर में नकारात्मक का प्रवेश होता है। इसका असर घर की सुखसमृद्धि, आर्थिक स्थिति और परिवारवालों की सेहत पर पड़ता है। आइए जानते हैं कि मुख्य द्वार के सामने किन चीजों का होना अशुभ होता है।

1. ऐसी स्थिति का तुरंत करें निवारण
अगर आपके घर के मुख्य द्वार के सामने गड्ढा, कीचड़ या पानी जमा रहता है, तो इसे जगह को पहली फुरसत में समतल करा ले, क्योंकि वास्तु में शुभ नहीं माना जाता। कहा जाता है कि इससे घर में नकारात्मकता बढ़ती है और मानसिक तनाव का माहौल बना रहता है।
2. गंदे पानी का बहाव
मुख्य द्वार के सामने गंदा पानी या खुली नाली का होना किसी भी घर की सुंदरता में ग्रहण लगा देता है। वास्तु के अनुसार, इसे आर्थिक नुकसान का संकेत माना जाता है। इससे धन का प्रवाह प्रभावित हो सकता है और अनावश्यक खर्च बढ़ सकते हैं।
3. सामने न हो कुआं
शहरी इलाकों में तो जगह की कमी के कारण कुएं देखना दुर्लभ सा हो गया है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में कई घरों में आज भी कुआं देखने को मिल जाता है। अगर घर के प्रवेश द्वार के ठीक सामने कुआं हो, तो इसे स्वास्थ्य के लिए प्रतिकूल माना जाता है। ऐसी स्थिति परिवार के सदस्यों की सेहत पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है।
4. खंभा भी बन सकता है बाधा
मुख्य द्वार के सामने बिजली या टेलीफोन का खंभा होना भी वास्तु दोष माना जाता है। इससे घर की ऊर्जा का संतुलन प्रभावित हो सकता है और परिवार में परेशानियां बढ़ सकती हैं। अगर आपके घर के सामने भी इस तरह का कई स्तंभ या खंबा है तो उसे हटवाने में देरी न करें।
5. ऐसी सीढ़ियां रोकती हैं धन संचय
मेन डोर के ठीक सामने सीढ़ियां होना धन संचय में बाधा पैदा कर सकता है। वास्तु मान्यताओं के अनुसार, घर में इस तरह की सीढ़ियां हो तो आर्थिक स्थिरता प्रभावित होने की और ज्यादा संभावना रहती है।
6. द्वार के सामने दूसरा द्वार
अगर मुख्य द्वार के सामने या उसके ठीक ऊपर दूसरा दरवाजा हो, तो इसे भी वास्तु दोष माना जाता है। कहा जाता है कि इससे सकारात्मक ऊर्जा टिक नहीं पाती।
7. छाया वेध का रखें ध्यान
किसी बड़े पेड़ या ऊंची इमारत की छाया लगातार घर के मुख्य द्वार पर पड़ना छाया वेध कहलाता है। वास्तु में इसे जीवन में उतारचढ़ाव और अस्थिरता का कारण माना गया है।
वास्तु दोष दूर करने के उपाय
अगर इन परिस्थितियों से बचना संभव न हो, तो कुछ आसान उपाय किए जा सकते हैं। मुख्य द्वार पर सुंदर तोरण और स्वास्तिक लगाएं। प्रवेश द्वार के पास वास्तु दर्पण का उपयोग करें। इसके अलावा मेन गेट के सामने तुलसी या मनी प्लांट रखें, ये तरीके भी सकारात्मक ऊर्जा का संतुलन बनाए रखने में कारगर माने जाते हैं।



