बच्चों को मफिन और केक जैसी बेक्ड चीजें अक्सर बहुत पसंद आती हैं. ये खबर आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे है। हालांकि, बाजार में मिलने वाले कई मफिन में चीनी और रिफाइंड मैदा की मात्रा ज्यादा हो सकती है. ऐसे में अगर इन्हें घर पर पौष्टिक सामग्री से तैयार किया जाए, तो स्वाद के साथ बच्चों को बेहतर पोषण भी मिल सकता है. रागी और सेब से बना मफिन ऐसा ही एक हेल्दी विकल्प है, जिसे बच्चे भी आसानी से पसंद कर सकते हैं.

रागी में , आयरन, फाइबर, प्रोटीन और कई जरूरी मिनरल्स पाए जाते हैं, जबकि सेब फाइबर, विटामिन सी, पोटैशियम और एंटीऑक्सीडेंट का अच्छा सोर्स माना जाता है. बच्चों की डाइट में इन दोनों को संतुलित मात्रा में शामिल करने से हड्डियों की सेहत को सपोर्ट करने, पाचन बेहतर बनाए रखने, शरीर को एनर्जी देने और जरूरी पोषक तत्वों की पूर्ति में मदद मिल सकती है. आइए जानते हैं कि घर पर रागी और सेब का हेल्दी मफिन केक कैसे बनाया जा सकता है और इसे तैयार करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए.
घर पर कैसे बनाएं रागी और सेब का मफिन केक?
रागी और सेब का हेल्दी मफिन केक बनाने के लिए एक बाउल में रागी का आटा, थोड़ा गेहूं का आटा, बेकिंग पाउडर और एक चुटकी दालचीनी पाउडर मिलाएं. दूसरे बाउल में मैश किया हुआ पका केला या थोड़ा शहद, कद्दूकस किया हुआ सेब, दूध और थोड़ा घी या तेल मिलाएं. अब सूखी और गीली सामग्री को मिलाकर गाढ़ा घोल तैयार करें.
चाहें तो इसमें बारीक कटे बादाम या अखरोट भी मिला सकते हैं. इस घोल को मफिन मोल्ड में डालकर पहले से गर्म किए हुए ओवन में लगभग 20 से 25 मिनट तक बेक करें. तैयार मफिन नरम, स्वादिष्ट और पौष्टिक होता है. रागी से कैल्शियम और फाइबर, जबकि सेब से फाइबर, विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट मिलते हैं, जो बच्चों के संतुलित डाइट का अच्छा हिस्सा बन सकते हैं.
बच्चों के लिए रागीसेब मफिन केक बनाते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
मफिन बनाने के लिए हमेशा ताजी और अच्छी गुणवत्ता वाली सामग्री का इस्तेमाल करें. बहुत ज्यादा चीनी डालने की बजाय सेब या केले की प्राकृतिक मिठास का उपयोग करना बेहतर होता है. बच्चों की उम्र के अनुसार ड्राई फ्रूट्स को बारीक काटकर या पीसकर मिलाएं, ताकि उन्हें खाने में परेशानी न हो.
मफिन को अच्छी तरह बेक करें, लेकिन जरूरत से ज्यादा न पकाएं, ताकि वह सूखा न हो जाए. तैयार मफिन को पूरी तरह ठंडा होने के बाद ही बच्चों को दें और बचा हुआ मफिन एयरटाइट डिब्बे में रखकर 1 से 2 दिन के भीतर खाया जा सकता है.



