हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले से ठगी का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने एक मां के भरोसे और उसके सपनों को चकनाचूर कर दिया। अपने बेटे को सरकारी नौकरी में देखने की चाह में एक मां ने अपनी जीवनभर की जमा-पूंजी दांव पर लगा दी, लेकिन अंत में उसे धोखे और आर्थिक नुकसान के अलावा कुछ भी हासिल नहीं हुआ। यह मामला श्री नयनादेवी क्षेत्र के घवांडल गांव का बताया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार फरवरी 2024 में घवांडल निवासी नीता देवी की मुलाकात शिमला जिले के चौपाल निवासी राकेश कुमार से हुई। ये खबर आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे हैं। आरोपी ने खुद को लोक निर्माण विभाग में प्रभावशाली इंजीनियर बताकर महिला का भरोसा जीत लिया। उसने दावा किया कि वह अपने संपर्कों के माध्यम से उनके बेटे को सरकारी नौकरी दिलवा सकता है। बेटे के उज्ज्वल भविष्य की उम्मीद में महिला उसकी बातों में आ गई।
बताया जा रहा है कि आरोपी ने नौकरी की फाइल आगे बढ़ाने और जरूरी दस्तावेज तैयार करने के नाम पर महिला से किस्तों में पैसे मांगने शुरू कर दिए। बेटे के भविष्य को सुरक्षित करने की चाह में नीता देवी ने अपने खाते के साथ-साथ रिश्तेदारों के खातों से भी रकम ट्रांसफर कर दी। इस दौरान महिला ने आरोपी के खाते में करीब 4.56 लाख रुपये भेज दिए।
लंबा समय बीत जाने के बावजूद न तो बेटे को नौकरी मिली और न ही कोई नियुक्ति पत्र मिला। आरोपी लगातार कभी फाइल प्रक्रिया में होने तो कभी नियुक्ति जल्द जारी होने का बहाना बनाकर महिला को भरोसे में रखता रहा। जब महिला को शक हुआ और उसने अपने पैसे वापस मांगे, तो आरोपी टालमटोल करने लगा और आखिरकार उसने फोन उठाना भी बंद कर दिया।
मामले की पुष्टि करते हुए पुलिस अधीक्षक संदीप धवल ने बताया कि कोट थाना में आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस बैंक ट्रांजेक्शन, कॉल डिटेल और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है तथा आरोपी की तलाश जारी है। पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर किसी भी व्यक्ति को पैसे देने से पहले संबंधित विभाग से पूरी तरह सत्यापन जरूर करें।
यह घटना एक बार फिर चेतावनी देती है कि सरकारी नौकरी का लालच दिखाकर ठग किस तरह लोगों की भावनाओं से खेल रहे हैं। बेटे के उज्ज्वल भविष्य का सपना देख रही मां ने अपनी सालों की बचत गंवा दी, लेकिन बदले में उसे केवल धोखा और पछतावा ही मिला।