हिमाचली खबर: इस दुनिया में जो सबसे अनमोल रिश्ता है वो है मां और बच्चे का। मां हमेशा अपने बच्चों को अपनी जान से ज्यादा प्यार करती है। मां का प्यार निस्वार्थ होता है। उसके प्यार में त्याग छिपा होता है। न जाने कितनी राते जगकर मां अपने बच्चों को पालकर बढ़ा करती है। जीवनभर प्यार करने के बाद भी उनका प्यार बच्चों के लिए बढ़ता ही रहता है। मां के लिए यूं तो हर दिन खास होता है लेकिन एक खास दिन उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का मौका देती है। वो है मदर्स डे यानी मातृ दिवस। यह दिन हर साल सेलिब्रेट किया जाता है। मई 2026 में मदर्स डे कब है और क्या है इस खास दिन के पीछे की कहानी, आइए जानें।

मई 2026 में इस दिन मनाया जाएगा मदर्स डे, जानें इस दिन को मनाने की कब और कैसे हुई शुरुआत​
मई 2026 में इस दिन मनाया जाएगा मदर्स डे, जानें इस दिन को मनाने की कब और कैसे हुई शुरुआत​

मदर्स डे कब है?

हर साल मई के दूसरे रविवार मदर्स डे मनाया जाता है। 2026 में 10 मई को यह दिन सेलिब्रेट किया जाएगा। इस दिन बच्चे अपनी माताओं को गिफ्ट देकर उन्हें विश करते हैं। साथ ही उन्हें खास महसूस करवाने के लिए हर संभव प्रयास करते हैं।

मदर्स डे का इतिहास

मदर्स डे की शुरूआत की बात करें तो इसका इतिहास प्राचीन यूनानियों और रोमनों से लगाया जाता है। वह मातृ देवी रिया और साइबेले के सम्मान में इसे मनाते थे। इसे मदरिंग संडे के नाम से भी जाना जाता है। दरअसल, एक समय यूनाइटेड किंगडम और यूरोप के कुछ हिस्सों में यह एक प्रमुख परंपरा थी। यह उत्सव ईसाई चर्च में लेंट, यानी ईस्टर के बाद के चौथे रविवार को मनाया जाता था।

1900 के दशक में ऐन रीव्स जार्विस की बेटी अन्ना जार्विस के प्रयासों के चलते मदर्स डे मनाया जाने लगा। अन्ना की मां ने अपना जीवन महिलाओं के अधिकारों, शिक्षा और गुलामी हटाने की वकालत करते हुए बिताया था। 1905 में उनकी मृत्यु के बाद, अन्ना ने उनकी विरासत को आगे बढ़ाने और उन्हें श्रद्धांजलि देने का फैसला किया।

इसके बाद इसके बाद मई 1908 में उन्होंने वेस्ट वर्जीनिया के ग्राफ्टन में मेथोडिस्ट चर्च में पहला आधिकारिक मदर्स डे समारोह आयोजित किया। उस दिन इस कार्यक्रम में हजारों लोग शामिल हुए। पांच साल के अंदर अमेरिका समेत कई देशों में यह सेलिब्रेट किया जाने लगा। 1914 में यूएस प्रेसिडेंट वूड्रो विल्सन ने इसे नेशनल हॉलिडे घोषित कर दिया।