बैड कोलेस्ट्रॉल को लो डेंसिटी लिपोप्रोटीन पुकारा जाता है. ये खबर आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे है। कोलेस्ट्रॉल की मात्रा जरूरत से ज्यादा बढ़ जाए तो ये आर्टरीज में अंदर की तरफ क्रिस्टल फॉर्म में जमने लगता है. इस प्लाक की वजह से आर्टरीज ब्लॉक होने लगतती है. मेडिकली इस कंडीशन को एथेरोस्क्लेरोसिस पुकार जाता है. ऐसे में हमारा ब्लड फ्लो बिगड़ने लगता है और कंडीशन हार्ट अटैक तक की बन जाती है. एक्सपर्ट बताते हैं कि हाई कोलेस्ट्रॉल की अहम वजह गलत खानपान, तलाभुना और ट्रांस फैट है. फिजिकली एक्टिव न रहना, मोटापा, स्मोकिंग और दूसरी कई कारणों के चलते भी कोलेस्ट्रॉल बढ़ने लगता है.

क्या आप जानते हैं कि आप जो नाश्ते में खा रहे हैं उससे भी बैड कोलेस्ट्रॉल की समस्या हो सकती हैं. चलिए आपको एक्सपर्ट के जरिए बताते हैं कि नाश्ते की कौन सी गलतियां हमें बैड कोलेस्ट्रॉल का शिकार बनाती हैं.

क्या कहते हैं एक्सपर्ट

डॉ. ये समाचार आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे है। अमर सिंघल कहते हैं कि हाई कोलेस्ट्रॉल सिर्फ दवाओं से नहीं, बल्कि हमारी रोजमर्रा की खानपान की आदतों से भी काफी हद तक प्रभावित होता है. एक कार्डियोलॉजी के नजरिए से अगर मैं बात करूं तो नाश्ते में बारबार सैचुरेटेड फैट, ट्रांस फैट और रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट से भरपूर खाद्य पदार्थ जैसे तले हुए स्नैक्स, ज्यादा मक्खन या घी वाले पराठे, बेकरी प्रोडक्ट्स, प्रोसेस्ड मीट और मीठे सीरियल का सेवन शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल बढ़ा सकता है.

समय के साथ यह एथेरोस्क्लेरोसिस की प्रक्रिया को तेज कर सकता है, जिससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है.

चायबिस्कुट का नाश्ता

एक्सपर्ट कहते हैं कि नाश्ता छोड़ना या सिर्फ चायबिस्कुट पर निर्भर रहना भी सही आदत नहीं है. इससे ब्लड शुगर में उतारचढ़ाव होता है, बाद में ज्यादा खाने की प्रवृत्ति बढ़ती है और वजन बढ़ने के साथ लिपिड प्रोफाइल पर भी नकारात्मक असर पड़ सकता है. दिल की सेहत के लिए नाश्ते में घुलनशील फाइबर, अच्छी गुणवत्ता वाला प्रोटीन और अनसैचुरेटेड फैट शामिल होना चाहिए.

इस तरह का रखें खानपान

ओट्स, दलिया, अंकुरित अनाज, अंडा, दही, मौसमी फल, बीज और सीमित मात्रा में सूखे मेवे बेहतर विकल्प हैं. यदि किसी व्यक्ति को हाई कोलेस्ट्रॉल, मधुमेह, उच्च रक्तचाप या परिवार में हृदय रोग का इतिहास है, तो उसे नियमित लिपिड प्रोफाइल की जांच, संतुलित आहार और शारीरिक गतिविधि को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना चाहिए. सही नाश्ता दिल की बीमारियों से बचाने में अहम भूमिका निभा सकता है.