चंबा। परिवार में तीन दिन पहले तक खुशियों का माहौल था। जब चंद्रमणि कुलेठी ने पत्नी कोमल के साथ अपनी शादी की सालगिरह मनाई थी, लेकिन किसे पता था कि चंद दिनों के भीतर ही परिवार की खुशियां मातम में बदल जाएंगी।

हिमाचल प्रदेश युवा कांग्रेस के उपाध्यक्ष चंद्रमणि की असमय मौत ने उनकी पत्नी और दो साल के बेटे रुद्र को जीवन के ऐसे मोड़ पर ला खड़ा किया है, जहां आगे की राह बेहद कठिन होगी। अब मासूम रुद्र को पिता का साथ नहीं मिल सकेगा और पत्नी कोमल को बेटे की परवरिश की जिम्मेदारी अकेले निभानी होगी।

खुशियों के बाद परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

चंद्रमणि कुलेठी का आज गुरुवार को उनके पैतृक गांव कुलेठी में अंतिम संस्कार किया गया। उनके निधन से परिवार, रिश्तेदारों, समर्थकों और क्षेत्र के लोगों में शोक है। वह अपने माता-पिता की इकलौती संतान थे। बेटे को खोने का दुख झेल रहे बुजुर्ग माता-पिता के लिए यह ऐसी क्षति है, जिसकी भरपाई संभव नहीं है। चंद्रमणि और कोमल की शादी को करीब चार साल हो चुके थे। परिवार में उनका दो साल का बेटा रुद्र भी है। हाल ही में दंपती ने अपनी शादी की सालगिरह मनाई थी।

इसके तीन दिन बाद हुए हादसे ने परिवार की जिंदगी बदल दी। जिस घर में कुछ दिन पहले उत्सव का माहौल था, वहां अब अपनों को खोने का गम है। चंद्रमणि के निधन से पत्नी कोमल ने अपना जीवनसाथी खो दिया है, जबकि रुद्र अभी इतनी छोटी उम्र में है कि वह पिता के न रहने का अर्थ भी पूरी तरह नहीं समझ सकता। दूसरी ओर, माता-पिता की इकलौती संतान होने के कारण चंद्रमणि का जाना उनके परिवार के लिए दोहरी पीड़ा लेकर आया है।

मुख्यमंत्री के दौरे की तैयारियों में जुटे थे चंद्रमणि

चंद्रमणि कुलेठी की बुधवार देर रात चंबा जिले की होली घाटी में करंट लगने से मौत हो गई थी। जानकारी के अनुसार, वह मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के प्रस्तावित दौरे की तैयारियां कर रहे थे। रात करीब 12 बजे वह अपने साथियों के साथ पोस्टर, बैनर और झंडे लगाने में जुटे थे। इसी दौरान वह बिजली की तारों की चपेट में आ गए। हादसा इतना गंभीर था कि उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

एक राजनीतिक कार्यक्रम की तैयारियों के दौरान हुए इस हादसे ने युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों को स्तब्ध कर दिया। चंद्रमणि क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय थे और संगठन में युवा कांग्रेस के उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।

चंद्रमणि के परिजनों से मिलने होली जाने वाले थे CM

चंद्रमणि के निधन के बाद मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का चंबा दौरा रद्द हो गया। मुख्यमंत्री का होली घाटी जाकर शोक संतप्त परिवार से मुलाकात करने का कार्यक्रम था, लेकिन हेलीकॉप्टर उपलब्ध नहीं होने के कारण दौरा नहीं हो सका।

चंद्रमणि के निधन की खबर के बाद उनके परिवार और परिचितों के बीच शोक का माहौल बना हुआ है। उनके अंतिम संस्कार में परिजनों और स्थानीय लोगों ने नम आंखों से उन्हें विदाई दी।

विक्रमादित्य के करीबी माने जाते थे

युवा कांग्रेस में सक्रिय चंद्रमणि कुलेठी को पूर्व मंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी और लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह का करीबी माना जाता था। क्षेत्रीय राजनीति में उनकी सक्रियता के चलते आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भी उनके नाम की चर्चा संभावित दावेदारों में होती रही थी।

हालांकि, उनकी असमय मौत ने उनके राजनीतिक सफर को भी विराम दे दिया। उनके निधन से संगठन से जुड़े लोगों और समर्थकों में शोक है। परिवार के लिए यह निजी क्षति है, वहीं उनके साथ काम करने वाले लोगों ने भी एक सक्रिय युवा नेता को खो दिया है।

पुलिस कर रही है हादसे की जांच

घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस हादसे की परिस्थितियों और बिजली की तारों के संपर्क में आने के कारणों का पता लगा रही है। दुर्घटना कैसे हुई और उस समय वहां क्या परिस्थितियां थीं, इसकी स्पष्ट जानकारी जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगी।

फिलहाल चंद्रमणि कुलेठी के निधन से उनका परिवार गहरे सदमे में है। शादी की सालगिरह के कुछ ही दिन बाद पत्नी कोमल के जीवन में आए इस खालीपन और दो साल के रुद्र के सिर से उठे पिता के साये ने पूरे क्षेत्र को भावुक कर दिया है।