हस्बैंडवाइफ के रिश्ते फिजिकल इंटीमेसी के साथ ही इमोशनल इंटीमेसी का भी उतना ही ध्यान रखना चाहिए. लॉन्ग टर्म रिलेशनशिप चलानी हो तो भावनात्मक रूप से एकदूसरे से जुड़ा होना बेहद जरूरी होता है. कई बार देखने में आता है कि लोग बिना कुछ कह अलग हो जाते हैं. बस रिश्ते में उदासीनता सी आ जाती है. इसकी वजह होती है कि हम अपनी जिंदगी में इतने व्यस्त हो जाते हैं कि भावनाओं को समझने, व्यवहार से जुड़ी चीजों को जानने तक की फुरसत नहीं रहती है.

इस आर्टिकल में जानेंगे कि इमोशनल इंटीमेसी क्या होती है और कपल इसे कैसे बढ़ा सकते हैं. एक छोटा सा एफर्ट भी आपके रिश्ते के लिए संजीवनी सा काम कर सकता है. तो चलिए जान लेते हैं डिटेल के साथ.

क्या होती है इमोशनल इंटीमेसी?

रिश्ते में इमोशनल इंटीमेसी का मतलब होता है पार्टनर के साथ अपनी हर बात के लिए सेफ महसूस करना यानी आप उनसे बिना डरे हर एक बात कह सकते हैं. उनके डर, खुशी, दुख को महसूस करना. सिर्फ बातें करना ही नहीं, बल्कि उनकी भावनाओं से भरी बातों को भी तल्लीनता के साथ सुनना और समझना. अब जान लेते हैं कि इसे कैसे बढ़ा सकते हैं.

एक्टिव लिसनिंग की डालें आदत

आपका पार्टनर जब आपसे कुछ कह रहा हो तो एक्टिव लिसनिंग को फॉलो करें यानी सिर्फ उनकी बात सुनने के लिए न सुनें, बल्कि समझे भी. जैसे जब आपका पार्टनर कुछ बात करना चाहे तो बीचबीच में टोकने की बजाय शांति से उनकी पूरी बात को सुनें. बात करने के दौरान किसी और चीज में बिजी न रहें.

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जज करने की आदत छोड़ें

आपका पार्टनर जब आपसे कोई बात कहे जैसे अपनी कोई कमजोरी या फिर गलती बता रहा है तो उसे जज न करें. कई बार हम गुस्से में चिल्लाने लगते हैं या फिर बिना सोचेसमझे उनको सलाह की पिटारा देना शुरू कर देते हैं. ये गलती न करें. उनकी भावनाओं को समझें. इसके बाद शांति के साथ उन्हें सहीगलत का फर्क बताएं. ये भी एक अच्छा तरीका है कि आप अपने पार्टनर को खुद से जुड़ी कुछ बातें पुरानी यादें, डर आदि के बारे में बता सकते हैं. इससे उन्हें हौसला मिलता है और आपके ऊपर भरोसा भी बढ़ेगा.

भावनात्मक स्पर्श

टच सिर्फ फिजिकल इंटीमेसी को लेकर ही नहीं बल्कि भावनात्मक भी हो सकता है, इससे पार्टनर में सुरक्षा की भावना बढ़ती है. जैसे उनके हाथों को थामना, सिर पर हाथ फेरना, कंधे पर भरोसा जताने वाला हाथ रखना, हल्के से गले लगना.

उनके एफर्ट्स की तारीफ करें

आपका पार्टनर अगर आपके लिए छोटी सा भी एफर्ट लगाता है जैसे कोई पसंदीदा डिश बनाई है या फिर रेगुलर खाना भी बनाया है तो उनकी तारीफ करना न भूलें. वो आपके लिए जो भी करते हैं उसके लिए कभीकभी थैंक्यू भी कहें. इस तरह से ही भावनाएं गहरी होती हैं और एक मजबूत रिश्ता बनता है.