हिमाचली खबर: यमुना एक्सप्रेसवे पर यातायात व्यवस्था को सुरक्षित और सुचारू बनाए रखने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है. गौतमबुद्ध नगर जिले की सीमा में आने वाले यमुना एक्सप्रेसवे के पूरे हिस्से को अब नो प्रोटेस्ट जोन में घोषित कर दिया गया है. इसके तहत यमुना एक्सप्रेसवे पर 0 पॉइंट से लेकर 41 किलोमीटर तक किसी भी तरह के धरना प्रदर्शन की अनुमति नहीं होगी.

यमुना एक्सप्रेसवे पर अब नहीं होगा धरना प्रदर्शन, 41 किलोमीटर तक का हिस्सा ‘No Protest Zone’ घोषित​
यमुना एक्सप्रेसवे पर अब नहीं होगा धरना प्रदर्शन, 41 किलोमीटर तक का हिस्सा ‘No Protest Zone’ घोषित​

इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा दिए गए निर्देशों के बाद यह फैसला लिया गया है. आदेश का मुख्य उद्देश्य एक्सप्रेस वे पर वाहनों की आवाजाही को बाधित रहित रखने और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है.

राजनीतिक और गैर राजनीतिक प्रदर्शनों पर रहेगी रोक

आदेश लागू होने के बाद यमुना एक्सप्रेसवे के इस हिस्से में किसी भी राजनीतिक संगठन सामाजिक संगठन या अन्य समूह द्वारा प्रदर्शन धरना या सड़क जाम जैसी गतिविधियों पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा. अधिकारियों के अनुसार यमुना एक्सप्रेसवे एक महत्वपूर्ण मार्ग है, जिससे रोजाना बड़ी संख्या में यात्री और बड़े वाहन गुजरते हैं. किसी भी प्रदर्शन या सड़क अवरोध के कारण यातायात प्रभावित होता है और आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है. इसी को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है.

जगहजगह लगाए जा रहे सूचना बोर्ड

पुलिस कमिश्नरेट गौतम बुध नगर की ओर से इस आदेश की जानकारी लोगों तक पहुंचाने के लिए एक्सप्रेसवे के प्रमुख स्थानों पर सूचना बोर्ड लगाए जा रहे हैं. इसके अलावा संबंधित थाना क्षेत्र और पुलिस कार्यलयों में भी इसकी जानकारी प्रदर्शित की जाएगी. जन जागरूकता के लिए अलगअलग माध्यमों से लोगों को बताया जा रहा है कि यमुना एक्सप्रेसवे पर किसी भी प्रकार का प्रदर्शन नियमों का उल्लंघन माना जाएगा.

नियम तोड़ने वालों पर होगी कार्रवाई

पुलिस कमिश्नरेट गौतम बुद्ध नगर द्वारा एक्सप्रेसवे पर लगातार निगरानी रखी जाएगी कानून व्यवस्था बनाए रखने और यातायात को प्रभावित होने से बचने के लिए पुलिस की ओर से आवश्यक कार्रवाई की जाएगी. अधिकारियों का कहना है कि लोगों की सुरक्षा को सुगम सफर प्राथमिकता है. इसी को ध्यान में रखते हुए यमुना एक्सप्रेसवे को जो प्रोटेस्ट जोन घोषित किया गया है ताकि आम जनता और वाहन चालकों को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े.