हिमाचली खबर: Powerful Mantras for Early Marriage: आजकल युवाओं को पहली प्राथमिकता अच्छी पढ़ाई और करियर। बेहतर भविष्य की तलाश में कई लोग शादी को टालते रहते हैं। कुछ लोग सोचते हैं कि जब हम चाहेंगे तब शादी हो जाएगी तो जल्दी क्या है? इसी सोच के चलते उम्र 30 के करीब पहुंच जाती है। कई बार आयु बढ़ने के बाद भी विवाह के योग नहीं बन पाते या रिश्ते तय होने में लगातार रुकावटें आती हैं। धर्म और ज्योतिष शास्त्र में कई उपाय बताए गए हैं, जो विवाह में आने वाली रुकावटों को दूर कर सकते हैं। इनमें पूजा और विशेष मंत्रों का जाप प्रमुख माना गया है। जानें जल्दी शादी के लिए कौन स देवी की आराधना और मंत्रों का जाप करें। 

शादी में आ रही रुकावटें, बढ़ती जा रही उम्र? मां दुर्गा के इस स्वरूप की करें आराधना, इन मंत्रों में हैं बहुत शक्ति!​
शादी में आ रही रुकावटें, बढ़ती जा रही उम्र? मां दुर्गा के इस स्वरूप की करें आराधना, इन मंत्रों में हैं बहुत शक्ति!​

मां कात्यायनी की पूजा का महत्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शीघ्र विवाह के लिए मां कात्यायनी की पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है। मां कात्यायनी, मां दुर्गा का ही एक स्वरूप हैं और नवरात्रि के छठे दिन उनकी विशेष पूजा की जाती है। ऐसी मान्यताएं हैं कि देवी की सच्चे मन से आराधना करने पर विवाह में आ रही बाधाएं दूर हो सकती हैं और अच्छे जीवनसाथी की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त होता है।

इन देवियों की उपासना से भी होगा लाभ

ज्योतिष और धार्मिक मान्यताओं में मां गौरी और मां दुर्गा की नियमित पूजा को भी विवाह संबंधी समस्याओं के समाधान से जोड़ा जाता है। कहते हैं कि इन देवियों की कृपा से कुंडली में शीघ्र विवाह के योग मजबूत होते हैं और वैवाहिक जीवन के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनती हैं।

ग्रहों की पूजा दूर करेगी बाधा

देवी उपासना के साथसाथ कुछ ग्रहों की पूजा को भी विवाह में आने वाली रुकावटों को दूर करने वाला माना गया है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, लड़कियों के लिए गुरु ग्रह यानी बृहस्पति और लड़कों के लिए शुक्र ग्रह का विशेष महत्व होता है। इन ग्रहों की पूजा और मंत्र जाप से विवाह संबंधी बाधाओं में कमी आने की मान्यता है।

विवाह के लिए बताए गए प्रमुख मंत्र

मां कात्यायनी मंत्र:
ॐ कात्यायनी महाभागे महायोगिन्यधीश्वरि। नन्दगोपसुतं देवि पतिं मे कुरु ते नमः॥

मां गौरी मंत्र:
हे गौरि शंकरार्धांगी यथा त्वं शंकरप्रिया। मां कुरु कल्याणि कान्तकातां सुदुर्लभाम्॥

मां दुर्गा मंत्र:
ॐ दुं दुर्गायै नमः॥

गुरु ग्रह मंत्र:
ॐ बृं बृहस्पतये नमः॥

शुक्र ग्रह मंत्र:
ॐ द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः॥

जाप करते समय रखें ध्यान

इन मंत्रों का सुबह और शाम पूजा के दौरान 108 बार जाप किया जा सकता है। मंत्र जाप पूरा होने के बाद अपनी मनोकामना भगवान के समक्ष व्यक्त करना भी शुभ माना जाता है। ऐसे उपाय आस्था और धार्मिक विश्वास पर आधारित हैं, इसलिए इन्हें श्रद्धा और सकारात्मक भावना के साथ करना चाहिए।