हिमाचली खबर: किचन में इस्तेमाल होने वाले तेल को लेकर अक्सर बहस होती रहती है। एक तरफ ऑलिव ऑयल को दिल की सेहत के लिए बेहतरीन माना जाता है, तो दूसरी तरफ सरसों का तेल भारतीय रसोई का पारंपरिक हिस्सा रहा है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर हार्ट हेल्थ के लिए कौन सा तेल ज्यादा फायदेमंद है? आइए जानते हैं दोनों तेलों के फायदे और अंतर।

ऑलिव ऑयल या सरसों का तेल? जानें दिल की सेहत के लिए कौन सा है ज्यादा फायदेमंद​
ऑलिव ऑयल या सरसों का तेल? जानें दिल की सेहत के लिए कौन सा है ज्यादा फायदेमंद​

ऑलिव ऑयल के फायदे:

ऑलिव ऑयल मोनोअनसैचुरेटेड फैट से भरपूर होता है। इसमें पॉलीफेनॉल्स और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। यह ऑयल बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करने और गुड कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाने में मदद कर सकता है। कई शोधों में इसे हृदय रोग के जोखिम को कम करने से जोड़ा गया है।

सरसों के तेल के फायदे

सरसों के तेल में मोनोअनसैचुरेटेड फैट के साथ ओमेगा3 फैटी एसिड भी मौजूद होते हैं। ओमेगा3 शरीर में सूजन को कम करने में मदद कर सकता है।भारतीय भोजन और पारंपरिक पकवानों के लिए उपयुक्त माना जाता है। किफायती होने के साथसाथ लंबे समय से भारतीय खानपान का हिस्सा रहा है

दिल के लिए कौन सा तेल बेहतर है?

वैज्ञानिक शोधों के आधार पर देखें तो वर्जिन ऑलिव ऑयल हृदय स्वास्थ्य के लिए ज़्यादा फायदेमंद है। हालांकि, कोल्डप्रेस्ड सरसों का तेल भी संतुलित मात्रा में इस्तेमाल करने पर दिल के लिए फायदेमंद हो सकता है। खासकर भारतीय खानपान में यह एक अच्छा विकल्प माना जाता है।

किन बातों का रखें ध्यान?

  • किसी भी तेल को बारबार गर्म करना नुकसानदायक हो सकता है।

  • डीप फ्राई और अत्यधिक तलीभुनी चीजों का सेवन दिल की सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है।

  • तेल की मात्रा सीमित रखना जरूरी है, चाहे वह ऑलिव ऑयल हो या सरसों का तेल।

दिल की सेहत केवल तेल पर निर्भर नहीं करती, बल्कि आपकी पूरी जीवनशैली पर निर्भर करती है। संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद और सीमित मात्रा में सही तेल का इस्तेमाल ही स्वस्थ हृदय की कुंजी है।