तेहरान: अमेरिका के ईरान में सेना उतारने और न्यूक्लियर साइटों पर हमले की अटकलों पर तेहरान से कड़ी प्रतिक्रिया आई है। ईरान के सेना प्रमुख अमीर हातमी ने अमेरिकी सेना को चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर उनकी जमीन पर पैर रखा तो अंजाम बहुत बुरा होगा।

उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना के जमीन पर उतरने का कड़ा जवाब दिया जाएगा और इससे पूरे क्षेत्र में युद्ध फैल जाएगा। अमेरिकी फौज से लड़ने को सेना ही नहीं लाखों ईरानी भी तैयार बैठे हैं। डोनाल्ड ट्रंप की न्यूक्लियर साइटों को निशाना बनाने की धमकी के बाद अमेरिका और ईरान के बढ़ते तनाव के बीच हातमी का यह बयान आया है।

ईरान इंटरनेशनल के अनुसार, हातमी ने कहा है कि किसी भी सैन्य दखल को रोकने के लिए हमारे पास जो कुछ भी है, उसका इस्तेमाल किया जाएगा।उन्होंने कहा, ‘अगर अमेरिका ने ईरानी जमीन पर अपना गंदा कदम रखा तो उसे लाखों लोगों का सामना करना पड़ेगा जो उनके पास जो कुछ भी होगा, उसी से उनका मुकाबला करेंगे।’

डोनाल्ड ट्रंप पर कसा तंज
हातमी ने डोनाल्ड ट्रंप और अमेरिकी सेना पर तंज कसा। ये समाचार आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे है। उन्होंने कहा कि अमेरिकियों को शायद लगा था कि अगर वह ईरान में दाखिल होंगे तो उनका स्वागत होगा। इसके उलट उनको ईरानी राष्ट्र की बेमिसाल दृढ़ता का सामना करना पड़ा। उन्होंने अमेरिका के ईरान की न्यूक्लियर साइटों को निशाना बनाने की संभावना पर भी ट्रंप को चेताया है।

अमेरिका के साथ हुआ समझौता टूटने के लिए हातमी ने डोनाल्ड ट्रंप के रवैये को जिम्मेदार कहा है। हातमी ने कहा, हमें पता था कि दुश्मन समझौते पर कायम नहीं रहेगा और कोई बेवकूफी भरी हरकत करेगा। इसलिए हमने एक पल भी बर्बाद नहीं किया और अपनी युद्ध क्षमताओं को बढ़ाने के लिए कदम उठाए।

अमेरिका के ईरान पर हमले
इस बीच अमेरिका के ईरान पर हमले लगातार जारी है। यूनाइटेड स्टेट्स सेंट्रल कमांड ने बुधवार सुबह अपने बयान में बताया है कि उसने ईरान पर लगातार 11वीं रात हमले किए हैं। अमेरिकी सेना ने ईरानी सैन्य संचालन केंद्रों, समुद्री क्षमताओं, विमान हैंगर, ड्रोन भंडारण सुविधाओं और सैन्य लॉजिस्टिक्स बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने का दावा किया है।

ईरान की ओर से भी लगातार अमेरिकी हमलों का जवाब दिया जा रहा है। ईरान ने खाड़ी देशों में अमेरिकी सेना के ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन दागे हैं। इसके चलते पूरे पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ा हुआ है। ये खबर आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे है। दोनों पक्षों को बातचीत की मेज पर लाने के लिए मध्यस्थ पाकिस्तान की ओर से कुछ कोशिश होती हुई दिखी हैं लेकिन अब तक लड़ाई खत्म होने की कोई संभावना नहीं बनती दिखी है।