MP Pension Hike: मध्य प्रदेश के लाखों सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। लंबे समय से अतिरिक्त पेंशन की मांग कर रहे बुजुर्ग पेंशनर्स को अब बढ़ी हुई पेंशन का लाभ मिलेगा।

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद राज्य के वित्त विभाग ने इस संबंध में महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। आदेश के तहत 80 वर्ष की आयु पूरी करने वाले पेंशनर्स को उनकी मूल पेंशन पर 20 प्रतिशत अतिरिक्त राशि दी जाएगी। इससे प्रदेश के हजारों बुजुर्गों को आर्थिक सहारा मिलेगा।

शंकरलाल शर्मा की याचिका से खुला रास्ता

यह मामला रिटायर्ड कर्मचारी शंकरलाल शर्मा द्वारा दायर की गई याचिका के बाद सामने आया। उन्होंने हाईकोर्ट में बुजुर्ग पेंशनर्स को अतिरिक्त पेंशन दिए जाने का मुद्दा उठाया था। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने पेंशनर्स के पक्ष में फैसला सुनाया और सरकार को नियमों के अनुरूप कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके बाद वित्त विभाग ने आदेश जारी करते हुए बुजुर्ग कर्मचारियों के लिए अतिरिक्त पेंशन का प्रावधान लागू कर दिया।

उम्र बढ़ने के साथ बढ़ेगी अतिरिक्त पेंशन

वित्त विभाग के आदेश के अनुसार उम्र के अलगअलग पड़ाव पर अतिरिक्त पेंशन की व्यवस्था की गई है। 80 वर्ष की आयु पूरी करने के बाद पेंशनर्स को मूल पेंशन पर 20 प्रतिशत अतिरिक्त राशि मिलेगी।

वहीं, 85 वर्ष की आयु पूरी करने के बाद यह बढ़ोतरी 30 प्रतिशत तक पहुंच जाएगी। सरकार का मानना है कि बढ़ती उम्र के साथ स्वास्थ्य और जीवनयापन का खर्च बढ़ जाता है, इसलिए यह फैसला बुजुर्गों के लिए राहत देने वाला साबित होगा।

हजारों बुजुर्ग पेंशनर्स को मिलेगा सीधा लाभ

सरकार के इस फैसले से प्रदेश के उन बुजुर्ग पेंशनर्स को सीधा लाभ मिलेगा, जो लंबे समय से पेंशन में बढ़ोतरी की मांग कर रहे थे। बढ़ती उम्र में चिकित्सा और दैनिक जरूरतों पर होने वाले खर्च को देखते हुए अतिरिक्त पेंशन उनके लिए सहारा बनेगी। पेंशनर्स संगठनों ने भी इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे बुजुर्गों के सम्मान और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ा अहम कदम बताया है।

सम्मानजनक जीवन जीने में मिलेगी मदद

हाईकोर्ट के फैसले और वित्त विभाग के आदेश के बाद अब प्रदेश के बुजुर्ग सेवानिवृत्त कर्मचारियों को आर्थिक रूप से कुछ राहत मिल सकेगी। माना जा रहा है कि इस व्यवस्था से हजारों पेंशनर्स को सम्मानजनक जीवन जीने में मदद मिलेगी। शंकरलाल शर्मा की पहल और न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद लागू हुई यह व्यवस्था प्रदेश के बुजुर्गों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है।