पालमपुर के बेटे ने किया कमाल! वैज्ञानिकों का सपना हुआ साकार

हिमाचल प्रदेश के पालमपुर निवासी प्रो. एस.के. शर्मा ने बागवानी विज्ञान के क्षेत्र में ऐसा मुकाम हासिल किया है, जिसके सपने देश-विदेश के वैज्ञानिक देखते हैं। वर्षों की साधना, शोध और नवाचार के लिए उन्हें वर्ष 2026 का ‘लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड’ प्रदान किया गया है। यह गौरवपूर्ण सम्मान बुधवार, 28 जनवरी 2026 को झांसी में आयोजित चतुर्थ बागवानी शिखर सम्मेलन के दौरान दिया गया।


झांसी में गूंजा हिमाचल का नाम

झांसी स्थित रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय में 28 से 30 जनवरी 2026 तक चल रहे चतुर्थ बागवानी शिखर सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में ही प्रो. शर्मा को यह प्रतिष्ठित सम्मान मिला। देश के दिग्गज वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं की मौजूदगी में उन्हें मंच पर सम्मानित किया गया। आयोजकों ने कहा कि भारतीय बागवानी को नई दिशा देने में प्रो. शर्मा का योगदान ऐतिहासिक रहा है।


शिक्षा और अनुसंधान में निभाई अहम भूमिका

प्रो. ये खबर आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे हैं। एस.के. शर्मा का करियर उपलब्धियों से भरा रहा है। उन्होंने न सिर्फ शोध के क्षेत्र में बल्कि बागवानी शिक्षा को मजबूत करने में भी बड़ी भूमिका निभाई।

  • वे केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, सिक्किम में कॉलेज ऑफ हॉर्टिकल्चर के संस्थापक डीन रहे
  • ग्रेटर नोएडा स्थित इंस्टिट्यूट ऑफ हॉर्टिकल्चर टेक्नोलॉजी में संयुक्त निदेशक के रूप में सेवाएं दीं
  • हिमाचल के सिरमौर में स्थित इटरनल यूनिवर्सिटी के अकाल कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर में डीन का दायित्व संभाला

इन संस्थानों में रहते हुए उन्होंने शिक्षा का स्तर ऊंचा उठाने के लिए दिन-रात मेहनत की।


शुष्क क्षेत्रों में हरियाली का सपना किया साकार

प्रो. शर्मा को शुष्क क्षेत्रों की बागवानी में विशेष महारत हासिल है। कम पानी वाले इलाकों में फल-फसलों की खेती को बढ़ावा देने में उनके शोध ने क्रांतिकारी भूमिका निभाई। उनके मार्गदर्शन में सैकड़ों छात्र और वैज्ञानिक तैयार हुए, जो आज देश और विदेश में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। यह सम्मान केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरे वैज्ञानिक समुदाय के अथक परिश्रम का प्रतीक है।

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