Numerology: अंक शास्त्र में हर मूलांक की अपनी अलग ऊर्जा और विशेषता होती है। सभी 9 मूलांकों में एक मूलांक ऐसा भी है जिसके जातकों को आध्यात्मिक रूप से सबसे अच्छा माना जाता है। इस मूलांक वाले बचपन से ही अध्यात्म के पथ पर बढ़ सकते हैं और आध्यात्मिक क्षेत्र में इनको उन्नति भी मिलती है। यह मूलांक है 3 जिसके स्वामी ग्रह गुरु बृहस्पति। बृहस्पति के प्रभाव के कारण ही इस मूलांक वालों के अंदर धार्मिक और आध्यात्मिक पथ पर चलने की रुचि होती है। आइए विस्तार से जानते हैं इस मूलांक वालों के बारे में।

मूलांक 3
अब बात करते हैं कि आखिर क्यों मूलांक 3 वालों को अध्यात्म के क्षेत्र में सफलता मिलती है। इसका पहला और सीधा कारण है गुरु का प्रभाव। गुरु को अध्यात्म का कारक ग्रह माना जाता है। गुरु ज्ञान और सत्य की खोज का कारक ग्रह भी है। इसलिए जिन भी लोगों का मूलांक 3 होता है वो भी सत्य की तलाश में लगे रहते हैं। ऐसे लोगों को कम प्रयासों में ी अध्यात्म के मार्ग पर सफलता भी मिल जाती है। एक बार आत्मज्ञान मिल जाने के बाद ऐसे लोग संसार में ज्ञान का प्रकाश फैलाते हैं।
गुरु के प्रभाव के कारण मूलांक 3 वाले गंभीर और दार्शनिक भी होते हैं। इस मूलांक वाले लोग एकांत में रहना भी पसंद करते हैं जो आत्मज्ञान की प्रमुख शर्त है और यही वजह है कि एकांत में समय बिताकर ये लोग आध्यात्मिक पथ पर आगे बढ़ जाते हैं। इन लोगों को योगध्यान में भी रुचि होती है जो आत्मज्ञान के लिए बेहद जरूरी है।
परोपकारी और मार्गदर्शन करने वाले होते हैं मूलांक 3 वाले
मूलांक 3 वालों में परोपकार और मार्गदर्शन करने वाला भी माना जाता है। स्वामी विवेकानंद से लेकर प्रेमानंद महाराज तक में आप ये गुण देख सकते हैं। ऐसे लोग परोपकार करने के लिए अपना जीवन न्योछावर कर देते हैं। इनकी वाणी भी प्रखर और स्पष्ट होती है इसलिए लोग इनकी बातों से प्रभावित भी होते हैं और इनके शब्द लोगों पर औषधि की तरह काम करते हैं।
रचनात्मक और अनुशासनप्रिय
मूलांक 3 वालों को अनुशासनप्रिय माना जाता है जो एक आध्यात्मिक व्यक्तित्व के लिए बेहद जरूरी है। इसके साथ ही ये लोग रचनात्मक भी होते हैं और हर कार्य में रचनात्मकता का इस्तेमाल भी करते हैं। जब ये आध्यात्मिक गुरु बनते हैं तो अपने ज्ञान का इस्तेमाल रचनात्मकता से करके लोगों को सही राह प्रशस्त करते हैं। अगर आपका मूलांक भी 3 है तो आप भी अध्यात्म के मार्ग पर आगे बढ़ सकते हैं। भले ही आप आध्यात्मिक गुरु न बनें लेकिन अध्यात्म के पथ पर चलकर अपना जीवन सुधार सकते हैं।



