Patna Fire News: आज तड़के जब पूरा शहर गहरी नींद में सोया था, तब पटना के रामकृष्णनगर स्थित खेमनीचक सब्जी मंडी अचानक आग की भीषण लपटों से घिर गई. सुबह करीब चार बजे लगी इस आग ने चंद मिनटों में ही इतना विकराल रूप धारण कर लिया कि देखते ही देखते पूरा बाजार धुएं और लपटों के आगोश में समा गया.

इस भयानक हादसे में श्रृंगार, मोबाइल रिपेयरिंग और खानपान समेत तीन दर्जन से अधिक दुकानें जलकर पूरी तरह राख हो गईं. आग की लपटें इतनी तेज़ थीं कि दुकानदारों को संभलने तक का मौका नहीं मिला. जान बचाने के चक्कर में अफरातफरी मच गई, हालांकि कुछ लोगों ने हिम्मत दिखाकर अपना सामान बचाने की कोशिश भी की, लेकिन आग के आगे सब बेबस नजर आए.

चार गैस सिलिंडर एक के बाद एक फटे

स्थिति तब और भयावह हो गई जब मंडी स्थित एक झोपड़ीनुमा होटल में रखे चार गैस सिलिंडर एक के बाद एक जोरदार धमाकों के साथ फट पड़े. सिलिंडर ब्लास्ट की गूंज और भड़कती लपटों ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी, जिसकी चपेट में आकर वहां खड़ी कई बाइकें भी स्वाहा हो गईं. घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की 10 से 15 गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंचीं.

दमकलकर्मियों ने तुरंत मोर्चा संभाला और आग को आसपास के रिहाइशी इलाकों तक फैलने से रोकने के लिए पानी की बौछारें शुरू कीं. लगभग एक घंटे की कड़ी मशक्कत और कड़ी जद्दोजहद के बाद आखिरकार आग पर काबू पाया जा सका, लेकिन तब तक मंडी का एक बड़ा हिस्सा मलबे और राख के ढेर में तब्दील हो चुका था. आग बुझने के बाद जब धुंध छंटी, तो मंजर बेहद दर्दनाक था.

कारोबारियों की जीवनभर की कमाई इस आग की भेंट चढ़ी

प्रभावित दुकानदार अपने जले हुए प्रतिष्ठानों के बीच रोतेबिलखते नुकसान का जायजा लेते दिखे. कई छोटे कारोबारियों की जीवनभर की कमाई इस आग की भेंट चढ़ गई, जिससे उनके सामने अब रोजीरोटी का गहरा संकट खड़ा हो गया है. हालांकि, हादसे में हुए कुल आर्थिक नुकसान और जले हुए वाहनों का सटीक आकलन अभी किया जा रहा है.

फिलहाल, आग लगने के असली कारणों का पता नहीं चल पाया है और प्रशासन मामले की जांच में जुटा है. जांच के बाद ही साफ हो पाएगा कि यह हादसा शॉट सर्किट की वजह से हुआ या किसी लापरवाही का नतीजा था. इस भयावह घटना ने एक बार फिर घनी मंडियों और बाज़ारों में आग से बचाव के इंतजामों और सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं.