: बुधवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत बेहद कमजोर रही। कारोबार खुलते ही शेयर बाजार में भारी बिकवाली देखने को मिली। बीएसई का सेंसेक्स 700 अंक से ज्यादा टूट गया, जबकि एनएसई का निफ्टी भी 250 अंक से अधिक गिर गया। ताजा गिरावट के पीछे अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ा तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी को बड़ी वजह माना जा रहा है।

SensexNifty ने लाल निशान में की शुरुआत
सेंसेक्स पिछले बंद स्तर 76,944 के मुकाबले 76,471 पर खुला और शुरुआती कारोबार में 76,135 तक फिसल गया। वहीं निफ्टी 24,055 के पिछले बंद स्तर की तुलना में 23,858 पर खुला और 23,786 तक नीचे आ गया। बाजार में चौतरफा बिकवाली का दबाव नजर आया।
इन शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट
बाजार में गिरावट के बीच कई शेयरों पर दबाव देखने को मिला। लार्जकैप में IndiGo और Eternal कमजोर रहे। मिडकैप में GVT&D, Godrej Properties, MFSL, TI India और Voltas में गिरावट दर्ज की गई। वहीं स्मॉलकैप में KFIN Tech, Brigade और Chola Holdings भी लाल निशान में कारोबार करते नजर आए।
Trump के बयान से बढ़ी चिंता
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिकी नियंत्रण के दावे और ईरान पर जारी सैन्य कार्रवाई से बाजार की चिंता बढ़ी है। होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के अहम तेल मार्गों में शामिल है। यहां किसी भी तरह की रुकावट से कच्चे तेल की सप्लाई प्रभावित होने की आशंका रहती है।
Crude Oil में तेजी का बाजार पर असर
तनाव बढ़ने के साथ कच्चा तेल भी महंगा हुआ। बुधवार को ब्रेंट क्रूड करीब 95 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया। तेल की कीमतों में तेजी से भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश पर आयात बिल और महंगाई का दबाव बढ़ने की चिंता रहती है। इसका असर निवेशकों के सेंटीमेंट पर भी पड़ा।
एशियाई बाजारों में भी कमजोरी रही। जापान का निक्केई करीब 2.9 फीसदी और दक्षिण कोरिया का KOSPI करीब 4 फीसदी तक फिसला। इससे साफ है कि अमेरिकाईरान तनाव का असर सिर्फ भारतीय बाजार तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्लोबल मार्केट में भी इसका दबाव दिखाई दे रहा है।



